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इटावा में इलाज के नाम पर उगाही का मामला आया सामने, डॉक्टर बनकर मरीज के स्वजन से ठगे 75 हजार रुपये


🗒 मंगलवार, मई 25 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
इटावा में इलाज के नाम पर उगाही का मामला आया सामने, डॉक्टर बनकर मरीज के स्वजन से ठगे 75 हजार रुपये

इटावा, । कोरोना महामारी में इलाज के नाम पर किस तरीके से मरीजों को ठगा जा रहा है, इसकी गवाही देती एक घटना उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान संस्थान, सैफई में सामने आई है। यहां एक मरीज गेट पर इलाज के अभाव में तड़पता रहा। न बेड मिला और न ही इलाज।  स्वजन से इलाज के नाम पर 75 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। मरीज की हालत बिगड़ गई तो स्वजन उसे ग्वालियर के एक अस्पताल में ले गए। वहां उसने दम तोड़ दिया। मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है कि जिसने डॉक्टर बनकर ठगी की है, वह विश्वविद्यालय में तैनात है अथवा नहीं।बकेवर क्षेत्र के ग्राम मेहंदीपुर निवासी दीपक तिवारी ने बताया कि उसके जीजा अश्वनी कुमार दुबे निवासी लखना रोड बकेवर को किडनी की बीमारी थी। उन्हें दो मई को अचानक गले में दिक्कत हुई। वह जिला अस्पताल आए। वहां पर हालत गंभीर होने पर उन्होंने अपने परिचय के डॉ. खेम सिंह राजपूत निवासी आगरा से संपर्क किया। उन्होंने डॉ. प्रेम प्रताप चौहान का नंबर दिया। दो मई की रात को डॉ. प्रेम प्रताप ने मरीज लेकर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के गेट नंबर दो पर आने को कहा। बकौल दीपक, रात में बहनोई को लेकर अपने मित्र प्रशांत शर्मा के साथ वहां पहुंचे तो डॉ. प्रेम प्रताप नहीं मिले। यूनिवर्सिटी में पर्चा बनवाकर डॉक्टर को दिखाया, लेकिन बेड न मिलने के कारण उनके जीजा रात भर स्ट्रेचर पर पड़े रहे। तीन मई की सुबह डॉ. प्रेम प्रताप चौहान का फोन आया कि तुम्हारे जीजा की हालत गंभीर है। उनके इलाज में एक लाख रुपये का खर्चा आएगा। इन रुपयों में तुम्हें एक डॉक्टर, वेंटीलेटर, बेड, ऑक्सीजन के साथ पूरा इलाज मिलेगा, जब तक तुम्हारा मरीज सैफई में भर्ती रहेगा। इसके लिए एक डॉक्टर को बोल दिया है जो आकर मिलेंगे। दीपक ने विनती कर 75 हजार रुपये पर तैयार किया और उनके बताए भारतीय स्टेट बैंक के खाते में तीन किस्तों में रुपये ट्रांसफर कर दिए। उसके बाद प्रेम प्रताप को फोन लगाते रहे, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। तीन मई की रात को बहनोई की हालत बिगडऩे पर ग्वालियर के सराफ हॉस्पिटल में ले गए जहां पर दो दिन बाद उनकी मौत हो गई।पुलिस ने दीपक तिवारी की तहरीर पर प्रेम प्रताप सिंह चौहान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, धोखाधड़ी, आपदा प्रबंधन महामारी अधिनियम में मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी वीरेंद्र बहादुर यादव ने बताया कि जांच चौकी प्रभारी गनेश गुप्ता को दी गई है। पता लगाया जा रहा है कि जिस डॉक्टर का नाम आ रहा है, वह यूनिवर्सिटी में तैनात है अथवा नहीं। यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर के अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि इस नाम का डॉक्टर उनके यहां तैनात नहीं है। 

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