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सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले अयोध्या में आला अफसरों मीडिया कर्मियों से मांगा सहयोग


🗒 शुक्रवार, नवंबर 08 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

रामनगरी में विवादित जमीन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले अयोध्या में आला अफसरों मीडिया कर्मियों के साथ बैठक कर सहयोग की अपेक्षा की। कोर्ट की गाइड लाइन के बारे में बताया गया और उसके पालन की अपेक्षा की गई। अफवाहों की पुष्टि करने के बाद खबर ब्रेक करने की सलाह दी गई। कहा गया कि निषेधाज्ञा लागू है और परिस्थितियां सामान्य हैं।कमिश्नर मनोज मिश्र, आइजी डॉ. संजीव गुप्त, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा एवं एसएसपी आशीष तिवारी ने शुक्रवार की शाम मीडिया कर्मियों के साथ बैठक की। इस बैठक का मकसद मंदिर-मस्जिद विवाद में सहयोग करने का रहा। कमिश्नर के आने से पहले जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह बैठक है, प्रेस कांफ्रेंस नहीं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में इलेक्ट्रानिक, न्यूज पोर्टल एवं प्रिंट मीडिया कर्मी शामिल रहे। बैठक में वह सब कुछ बताया गया जो प्रेस कांफ्रेंस में होता है। 238 जगहों की विशेष निगरानी के बारे में जानकारी दी गई। सुरक्षा बलों को त्वरित पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर मौजूद रहने के बारे में बताया गया।जिलाधिकारी ने इलेक्ट्रानिक एवं न्यूज पोर्टल के कुछ न्यूज को लेकर सवाल उठाया। मंदिर-मस्जिद विवाद में आने वाले निर्णय का अनुपालन कराने की जानकारी दी। कोर्ट की गाइड लाइन के बारे में बताया। अफवाहों की पुष्टि करने के बाद खबर ब्रेक करने की सलाह दी। कहा गया कि निषेधाज्ञा लागू है। परिस्थितियां सामान्य हैं। सामान्य न होती तो 14 कोसी परिक्रमा में 30 लाख श्रद्धालु कैसे आते। दीपोत्सव समेत दोनों परिक्रमा शांतिपूर्ण निपटना गंगा-जमुनी तहजीब का हिस्सा बताया। बिना अनुमति के डिबेट पर एतराज जताया। इनडोर डिबेट कराने के लिए कहा।मीडिया को कोई दिक्कत न होने पाए इसके लिए फैसला आने से पहले मीडिया कंट्रोलरूम शुरू कराने की जानकारी दी गई। फैसला आने के बाद विवादित ढांचा का फुटेज न चलाने का आग्रह इलेक्ट्रानिक चैनलों से किया। जश्न मनाने पर लगे प्रतिबंध के बारे में जानकारी दी गई। शादी एवं किसी भी मांगलिक कार्यक्रमों व पूजन अर्चन व रामलला के दर्शन पर प्रतिबंध न होने के बारे में बताया। पक्षकारों की बाइट लेने से बचा जाए।एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया पर्याप्त फोर्स उपलब्ध है। विवादित परिसर के आसपास का क्षेत्र खाली नहीं कराया जाएगा। किसी प्रकार की बंदिश नहीं है। निषेधाज्ञा का सभी को अनुपालन करना है। आइपीसी एवं आइटी एक्ट सभी के लिए है। रिपोर्टिंग करते वक्त इस और ध्यान देने की अपेक्षा की।

 सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले अयोध्या में आला अफसरों मीडिया कर्मियों से मांगा सहयोग

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