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श्रीराम जन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर की ऊंचाई में होगी वृद्धि


🗒 शनिवार, जुलाई 11 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

श्रीराम जन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर की ऊंचाई में वृद्धि के संकेत मिलने लगे हैं। रामजन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर का आकार-प्रकार (268 फीट लंबा, 140 फीट चौड़ा एवं 128 फीट ऊंचा) तीन दशक पूर्व ही मुकर्रर कर लिया गया था और इस मॉडल के अनुरूप एक लाख 75 हजार घन फीट शिलाओं के मुकाबले एक लाख घन फीट शिलाओं की तराशी भी हो चुकी है।गत वर्ष नौ नवंबर को रामलला के हक में सुप्रीमकोर्ट का फैसला आने के बाद आज जब मंदिर निर्माण की तैयारियों को अंतिम स्पर्श दिया जा रहा है, तब प्रस्तावित मंदिर की भव्यता पर सवाल खड़ा किया जाने लगा है। इस मुहिम के संवाहकों में शुमार जानकीघाट बड़ास्थान के महंत जन्मेजयशरण कहते हैं कि जिस समय राममंदिर का मॉडल बना, उस समय रामजन्मभूमि पर 2.77 एकड़ भूमि तक पाने के लाले थे और आज मंदिर निर्माण के लिए 70 एकड़ का संपूर्ण अधिग्रहीत परिसर सुलभ हुआ है। ऐसे में मंदिर निर्माण 2.77 एकड़ को ध्यान में रखकर बने मॉडल की बजाय 70 एकड़ को ध्यान में रख कर होना चाहिए।वे भव्यता के पर्याय दिल्ली के अक्षरधाम और वृंदावन के प्रेममंदिर का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि रामजन्मभूमि और यहां प्रस्तावित मंदिर की महिमा तो अवर्णनीय है और यह मंदिर अक्षरधाम एवं प्रेम मंदिर से कई गुना अधिक भव्य-दिव्य होना चाहिए। राममंदिर की भव्यता के प्रति ऐसी अपेक्षा से कितना न्याय होगा, यह तो भविष्य के गर्भ में है, पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग के आगे श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पसीजने जरूर लगा है। इसी माह की शुरुआत में तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे राममंदिर के मुख्य शिल्पी सीके सोमपुरा के प्रतिनिधि एवं पुत्र आशीष सोमपुरा ने स्पष्ट किया कि तीन दशक पुराने मॉडल का बुनियादी स्वरूप बदले बिना भी मंदिर की ऊंचाई और भव्यता में समुचित वृद्धि संभव है।..तो इसी सप्ताह मंदिर की भव्यता-दिव्यता में वृद्धि के लिए धर्मसेना अध्यक्ष संतोष दुबे की ओर से संचालित हस्ताक्षर अभियान को तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास ने आशीर्वाद देकर भव्यतम मंदिर की संभावनाओं को नये सिरे से रोशन कर दिया है। नृत्यगोपालदास ने मांग पत्र पर हस्ताक्षर भी किया। रामजन्मभूमि पर भव्यतम मंदिर के हामी जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य के अनुसार राममंदिर की ऊंचाई यदि 128 से बढ़ाकर 201 अथवा पौने दो सौ फीट कर दी जाय और उसी हिसाब से उसका क्षेत्रफल विस्तृत कर दिया जाय, तो यह भव्यता की ⊃2;ष्टि से रामभक्तों के लिए संतोषजनक होगा और महंत नृत्यगोपालदास के रुख से यह होना अब असंभव नहीं लग रहा है। 18 जुलाई को होने वाली रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में भी प्रस्तावित मंदिर के आकार-प्रकार में वृद्धि एजेंडा का अहम ङ्क्षबदु होगा। ट्रस्ट के कई सदस्य भी इस मत के बताये जा रहे हैं कि राममंदिर को हर संभावित भव्यता प्रदान की जानी चाहिए। सूत्रों के अनुसार बैठक में भूमि पूजन की तारीख तय करने के अलावा मंदिर की ऊंचाई में संभावित वृद्धि पर विचार प्रमुख विषय होगा।

श्रीराम जन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर की ऊंचाई में होगी वृद्धि

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