UP में बनेगी बसपा सरकार - सतीश चंद्र मिश्र

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UP में बनेगी बसपा सरकार - सतीश चंद्र मिश्र


🗒 शुक्रवार, जुलाई 23 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
UP में बनेगी बसपा सरकार - सतीश चंद्र मिश्र

अयोध्या, । भगवान राम की नगरी अयोध्या से बहुजन समाज पार्टी के मिशन 2022 की शुरुआत करने वाले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। अयोध्या में हनुमान गढ़ी तथा श्रीरामलला जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद मिश्र ने कहा कि बसपा ने तो उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सबसे बड़ा गठबंधन कर लिया है।बसपा के राष्ट्रीय महासचिव तथा राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि 2022 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी जनता से गठबंधन करेगी। सतीष चंद्र मिश्रा ने कहा भगवान श्रीराम तो सबके हैं। हम भी उनका आशीर्वाद लेने आए हैं। कानपुर के बिकरू कांड में विकास दुबे के भतीजे की पत्नी खुशी दुबे की जमानत के बारे में उन्होंने कहा कि हम तो बाराबंकी जेल में बंद खुशी दुबे की हर संभव मदद करेंगे। बहुजन समाज पार्टी विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की नाबालिग विधवा को जमानत दिलवाने को कानूनी लड़ाई लड़ने का मन बना चुकी है।सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 13 फीसदी ब्राह्मण और 23 फीसदी दलित मिल गए तो यहां पर बसपा की सरकार बननी तय है। इसके साथ ही बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती पांचवीं बार प्रदेश की मुख्यमंत्री बन जाएंगी। प्रदेश के करोड़ों लोगों ने इससे पहले भी बसपा के शासन काल में सर्वसमाज की प्रगति देखी है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को भी सराहा है। बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि ब्राह्मण समाज जिधर घूम जाएगा उसकी सरकार बना देगा। उत्तर प्रदेश का ब्राह्मण समाज बीते दस वर्ष से उपेक्षित है। बहुजन समाज पार्टी अब उसे सम्मान दिलाएगी। अयोध्या में हम अपने आराध्य भगवान श्रीराम के पास आए हैं। अब अगले दौर में हम वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ का दर्शन करने के साथ ही प्रयागराज जाकर पुण्य धरती को नमन करेंगे।सत्ता का 14 वर्ष का वनवास खत्म करने के लिए बसपा अनूठे अंदाज में चुनावी बिगुल फूंकने जा रही है। ब्राह्मणों को साथ जोड़कर 2007 में सत्ता के ङ्क्षसहासन तक पहुंची बसपा को पूरा भरोसा है कि ब्राह्मण ही उसके लिए फिर ब्रह्मास्त्र हो सकते हैं। सोच का समीकरण कुछ यूं है कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव- 2022 में दलित-ब्राह्मण की जोड़ी मुस्लिम को भी भरोसा दिला सकती है कि हाथी में जीतने का दम है। सोशल इंजीनियरिंग का बसपा का यह दांव बेशक पुराना है, लेकिन खास बात यह है कि बसपा मुखिया मायावती भी अब भगवान राम की शरण में हैं। प्रबुद्ध वर्ग गोष्ठी के जरिए ब्राह्मणों को जोडऩे की मुहिम पार्टी शुक्रवार को अयोध्या से ही शुरू करने जा रही है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती इधर लगातार ब्राह्मण समाज को अपनत्व का संदेश देने का कोई मौका छोड़ नहीं रहीं और साथ आने का न्योता भी दे रही हैं। उनका आरोप है कि यूपी में भाजपा की सरकार बनवाने के बाद ब्राह्मण अब पछता रहे हैं। उन्हें साधने के लिए बसपा ने फिर से अपने राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को आगे किया है। दरअसल, वर्ष 2007 के चुनाव के पहले ब्राह्मण सम्मेलनों से ऐसा माहौल बना था कि बसपा के टिकट से सबसे अधिक ब्राह्मण विधानसभा पहुंचने में सफल हुए थे।

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