यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

पिता ने की दो बेटियों की हत्या, फिर खुद फांसी लगाकर दी जान


🗒 शुक्रवार, अगस्त 26 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
पिता ने की दो बेटियों की हत्या, फिर खुद फांसी लगाकर दी जान

फर्रुखाबाद, । : जन्म लेने के तत्काल बाद मां का निधन हो गया और पिता ने दूसरी शादी कर अपना घर बसा लिया। मामा के रहकर बड़े हुए युवक ने अध्यापन कर अपनी जीविका चलाकर जिंदगी की शुरुआत की तो कुछ वर्षों में मौत ने उसकी पत्नी को भी छीन लिया।इससे परेशान युवक पहले अपनी पुत्रियों को गला कसकर मारा फिर खुद भी छत पर लगे पंखे में अंगोछे से फंदा बनाकर लटक गया और जान दे दी। सुबह घटना की जानकारी हुई मोहल्ले में भीड़ जमा हो गई। पुलिस कमरे में मिले सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर छानबीन कर रही है।मऊदरवाजा थाने के ठीक पीछे बहादुरगंज में अपने मामा के यह रह रहे निजी विद्यालय के अध्यापक धर्मेंद्र उर्फ सुनील जाटव ने रात में अपनी 11 वर्षीय पुत्री सृष्टि और सात वर्षीय सगुन को गला कसकर मौत के घाट उतारा और उसके बाद स्वयं भी फांसी के फंदे पर लटक गया।सुबह जब ट्यूशन पढ़ने आए छात्र वहां पहुंचे और बंद कमरा देख उनके मामा-मामी को सूचना दी तो कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। तब घटना की जानकारी हुई। सुनील जाटव का शव छत के पंखे में अंगोछे से बनाए फंदे पर लटक रहा था और उनकी दोनों पुत्रियों सृष्टि और सगुन के शव तख्त पर पड़े थे और उनके भी गले में अंगौछा कसा था। घटना के संबंध में मऊदरवाजा थानाध्यक्ष आमोद कुमार सिंह ने उनके मामी से पूछताछ की। घटनास्थल पर फारेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। धर्मेंद्र जाटव मेरापुर क्षेत्र के गांव पुनपालपुर निवासी थे। जब वह मात्र पांच दिन के थे, तब उनकी मां अतरश्री की मौत हो गई थी।उसके बाद उन्हें उनके मामा रामनाथ और मामी विमला देवी ले आई थीं और उन्होंने ही पालन पोषण किया था। सुनील के पिता अजय पाल जाटव भोगांव स्थित बुद्ध आंबेडकर विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं और उऩ्होंने दूसरा विवाह कर लिया था। सुनील अपने मामा के यहां रहकर निजी विद्यालय के अलावा घर पर ट्यूशन भी पढ़ाते थे। सुनील की पत्नी प्रीति की लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित मायके में विगत 25 जून को ही करंट की चपेट में आकर मौत हो गई थी।तब से वह परेशान रहे थे। सुनील के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। उसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। उसमें लिखा है कि यह कदम वह स्वयं उठा रहा है। जन्म लेते ही मां चली गई और उसके बाद पत्नी प्रीति भी। वह अपने बच्चों को किसके सहारे छोड़ दे। मरने के बाद उसके व उसकी पुत्रियों के शवों का पोस्टमार्टम न कराया जाए।