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इंस्पेक्टर हत्याकांड में वांछित अनुपम दुबे के घर जीआरपी का छापा


🗒 मंगलवार, जुलाई 13 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
इंस्पेक्टर हत्याकांड में वांछित अनुपम दुबे के घर जीआरपी का छापा

फर्रुखाबाद,। चलती ट्रेन में गोली मारकर इंस्पेक्टर की हत्या के 25 साल पुराने मामले में आगरा की जीआरपी टीम ने जिला पुलिस के सहयोग से हत्याकांड में वांछित बसपा नेता डा. अनुपम दुबे के घर छापा मारा। उनके न मिलने पर घर की संपत्ति कुर्क की कार्रवाई शुरू की गई।14 मई 1996 में कन्नौज के गुरसहायगंज कोतवाली प्रभारी रामनिवास यादव निवासी लोहार सराय, थाना अमीसराय जिला मेरठ, ट्रेन से जा रहे थे। कानपुर में रावतपुर और अनवरगंज के बीच में ट्रेन में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी डा. अनुपम दुबे व उनके चाचा सहसापुर थाना मोहम्मदाबाद निवासी कौशल दुबे, छिबरामऊ निवासी नेम कुमार उर्फ बिलैया के खिलाफ मुकदमा कराया गया था। इस मामले में वर्ष 2003 में गैरजमानती वारंट जारी हुए थे। गिरफ्तारी नहीं होने पर 2008 में कुर्की वारंट जारी किया गया था। हालांकि अनुपम दुबे उच्च न्यायालय से स्टे ले आए थे। अब चार जुलाई को हाईकोर्ट ने स्टे खारिज कर दिया और सात जुलाई को कुर्की कार्रवाई के आदेश दिए। इस मामले में मंगलवार को जीआरपी सीओ हरीशचंद्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम फतेहगढ़ पहुंची। पुलिस ने मोहल्ला कसरट्टा में डा. अनुपम दुबे के घर में छापा मारा। बार एसोसिएशन के महासचिव संजीव पारिया, दीपक द्विवेदी आदि अधिवक्ता पैरवी में पहुंचे। अधिवक्ता व पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। एसपी अशोक कुमार मीणा के आदेश पर फतेहगढ़, मऊदरवाजा, फर्रुखाबाद के कोतवाली प्रभारी के साथ पुलिस व पीएसी बल मौके पर पहुंच गया। अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप, सिटी मजिस्ट्रेट अशोक मौर्य ने अधिवक्ताओं को समझाते हुए कहा कि कोर्ट का आदेश है। इस पर अधिवक्ता मौके से हट गए। इसके बाद पुलिस ने संपत्ति कुर्क की कार्रवाई शुरू की। शाम को सीओ अमृतपुर अजेय कुमार शर्मा भी पहुंच गए।इंस्पेक्टर रामनिवास की हत्या में डा. अनुपम दुबे, नेम कुमार उर्फ बिलैया व कौशल दुबे को नामजद किया गया था। नेम कुमार व कौशल दुबे की मौत हो चुकी है। डा. अनुपम दुबे की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की गई। उनके न मिलने पर कुर्की की कार्रवाई शुरू हुई।  - मुश्ताक अहमद, पुलिस अधीक्षक जीआरपी आगरा।