यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

मैनपुरी जेल में बंद अनुपम दुबे पर लगा रासुका


🗒 रविवार, सितंबर 26 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
मैनपुरी जेल में बंद अनुपम दुबे पर लगा रासुका

फर्रुखाबाद, । फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता अनुपम दुबे 26 वर्ष पुराने इंस्पेक्टर रामनिवास यादव और ठेकेदार शमीम की हत्या के मामले में जनपद मैनपुरी जेल में बंद है। रविवार को पुलिस ने अनुपम के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगा दिया। पुलिस ने मैनपुरी जेल जाकर रासुका तामील करा दिया। फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस अनुपम के खिलाफ 15 दिन से रासुका लगाने की तैयारी कर रही थी। इसलिए पुलिस ने फतेहगढ़, मऊदरवाजा और मोहम्मदाबाद में जगह-जगह ‘दुर्दांत अपराधी से डरने की जरूरत नहीं’ का एनाउंसमेंट कराकर कहा था कि सूचना देने पर तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। रविवार को फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी जयप्रकाश पाल ने मैनपुरी जेल जाकर अनुपम को रासुका तामील करा दिया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि अनुपम के खिलाफ रासुका का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आपको बता दें कि शनिवार को ही अनुपम दुबे की मां ने राज्य मानवाधिकार आयोग से गुहार लगाकर अनुपम पर रासुका लगने की आशंका व्यक्त की थी। 14 मई 1996 को कन्नौज के कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रामनिवास यादव निवासी अमीसराय, मेरठ की कानपुर के रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मुकदमे में बसपा नेता अनुपम दुबे वांछित थे। उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट और कुर्की की कार्रवाई की गई तो वह 26 वर्ष पुराने ठेकेदार शमीम की गोली मारकर हत्या के मामले में 14 जुलाई को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। दो अगस्त को अनुपम को जिला कारागार से मैनपुरी के जिला जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। जब से लेकर वह वहां पर निरुद्ध चल रहे हैं।रासुका लगने पर आरोपित को एक वर्ष तक जेल में रखा जा सकता है। रासुका उन अपराधियों पर लगाया जाता है, जिनकी गतिविधियों से आम जनमानस में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही हो।