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फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ जेल में बवाल, फायरिंग में एक बंदी की माैत


🗒 रविवार, नवंबर 07 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ जेल में बवाल,  फायरिंग में एक बंदी की माैत

फर्रुखाबाद, । जिला जेल फतेहगढ़ में कैदी की मौत पर रविवार सुबह बंदी आक्रोशित हो गए और लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बंदी रक्षकों ने रोकने का प्रयास किया तो पथराव शुरू करके जेल के अंदर तोड़फोड़ शुरू कर दी।उपद्रिवयों ने जेल अस्पताल में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी, जिसे समय रहते दमकल जवानों बुझा ली। उपद्रवियों को काबू करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग, जिसमें एक बंदी को गोली लगी थी और शाम करीब बजे कैदी की मौत भी हो गई। वहीं पथराव में एक सिपाही भी जख्मी हुआ था।फतेहगढ़ जिला जेल में बंद टीबी से ग्रसित एक कैदी की सैफई अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही रविवार सुबह कैदियों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बैरिकों में हंगामा शुरू कर दिया। पहले तो बंदीरक्षकों ने कैदियों को शांत करने का प्रयास किया लेकिन बैरिक खुलते ही बंदियों ने तोड़फोड़ और पथराव शुरू कर दिया।  बताया गया है कि जिला जेल से बंदी संदीप सिंह (29) को 05 नवंबर की दोपहर 3:20 बजे बंदी रक्षक शैलेंद्र सिंह ने लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बंदी संदीप सिंह को सांस लेने में दिक्कत थी।डा. अंकित यादव ने बंदी को सैफई मेडिकल कालेज के लिए रेफर किया था। बताया जा रहा है कि संदीप सिंह ने सैंफई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। रविवार सुबह जैसे ही इसकी खबर जिला जेल पहुंची तो वहां बंद कैदियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। साढ़े सात बजे जब बैरिकें खोली गईं तो बंदी एकत्र हो गए।इस दौरान जेल अस्पताल में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी। बंदी रक्षकों ने रोकने का प्रयास किया तो पथराव शुरू कर दिया। हालात बेकाबू होते देखकर उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा कई थानों के फोर्स के साथ जिला जेल पहुंचे। पुलिस फोर्स ने जेल परिसर में प्रवेश किया तो बंदियों ने पथराव शुरू कर दिया।उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की। काफी देर तक जेल के अंदर से फायरिंग की आवाजें आती रहीं। करीब 10:15 बजे जेल के अंदर से घायल थाना मऊदरवाजा में तैनात सिपाही जितेंद्र कुमार और राजेपुर थाना क्षेत्र के लहरापुर निवासी बंदी शिवम को लोहिया अस्पताल भेजा गया था। बताया गया था कि पुलिस की गोली लगने से शिवम जख्मी हुआ था। शिवम का कहना था कि जब वह गेट बंद कर रहा था तो उसे गोली मारी है। हालांकि शाम करीब पांच बजे घायल कैदी ने शिवम को इलाज के लिए सैफई ले जाया जा रहा था तभी उसने दम तोड़ दिया। उसका शव वापस लाया जा रहा है। वहीं लोहिया अस्पताल में फोर्स की तैनाती कर दी है। घटना को लेकर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि जेल परिसर में अब स्थिति नियंत्रण में है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है कि बवाल क्यों हुआ है।जिला जेल में बवाल के मामले में पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने फायरिंग और लाठी चार्ज से इन्कार किया है और बंदियों के हमले में तीस पुलिस कर्मियों के घायल होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि डिप्टी जेलर ने नौ बजे सूचना दी थी कि कैदी बवाल कर रहे हैं तत्काल फोर्स भेजा जाए। वह पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे तो मुख्य द्वार पर कैदियों का कब्जा था।पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग करके उपद्रवी कैदियों को अंदर किया। उपद्रव में तीस पुलिस कर्मी घायल हुए है, जिनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा। प्रथम दृष्टया सामने आया है कि जेल में रविवार की सुबह चाय वितरित की जा रही थी तभी कैदियों ने डिप्टी जेलर शैलेश सोनकर पर हमला कर दिया। इसके बाद बैरिक संख्या नौ से बवाल शुरू हुआ। जेल अस्पताल व अन्य स्थानों पर भारी क्षति हुई है। उपद्रव के दौरान ही कैदी शिवम खुद घायल हुआ है, उसे गोली नहीं लगी है।