यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

फतेहपुर में OBC के फर्जी प्रमाण पत्र से सामान्य वर्ग के आदमी को बना दिया प्रधान


🗒 शनिवार, जून 12 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
फतेहपुर में OBC के फर्जी प्रमाण पत्र से सामान्य वर्ग के आदमी को बना दिया प्रधान

फतेहपुर ,। प्रधान बनने के लिए वोट खरीदना, मतदाताओं को उपहार देना या फिर डरा-धमकाकर वोट हासिल करने की बात तो आपने सुनी होगी, लेकिन जिले में अब एक और बड़ा खेल खुलकर सामने आया है। लेखपाल व कानूनगो ने चुनाव जिताने के लिए एक ऐसे व्यक्ति को ओबीसी (पिछड़ी जाति) का प्रमाणपत्र जारी कर दिया जो वास्तव में सामान्य वर्ग का है और पिछले पंचवर्षीय में उसकी मां स्वयं जनरल सीट पर प्रधान रहीं हैं।अब शिकायतें शुरू हुई तो लेखपाल, कानूनगो के साथ तहसीलदार की गर्दन भी फंसती दिखाई दे रहीं हैं। भिटौरा ब्लाक के सेनपुर गांव सभा में ओबीसी कोटे की सीट पर नवाज शरीफ ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए हैं। गांव के जितेंद्र पाल ने शिकायत किया कि निर्वाचित प्रधान सामान्य वर्ग के हैं, जबकि तहसील प्रशासन ने उन्हें ओबीसी होने का जाति प्रमाणपत्र जारी किया है।दावा किया है कि नवाज शरीफ मुस्लिम में शेख बिरादरी से आते हैं, जो कि जनरल कैटगरी है। उनकी मां के नाम बने राशन कार्ड में भी उनकी जाति सामान्य वर्ग है, जबकि 2015 के चुनाव में भी मां चांदनी बेगम ने प्रधानी का चुनाव जीता था और नामांकन के दौरान उन्होंने नामांकन पत्र में खुद को सामान्य वर्ग का ही दर्शाया था। अब वह ओबीसी कोटे का प्रमाण पत्र बनवाकर चुनाव जीते हैं। शिकायत के बाद माहौल गर्म हो गर्मा गया है।अमौली ब्लाक की बंथरा ग्राम सभा के राजेश कुमार ने प्रधान ममता देवी पर फर्जी प्रमाणपत्र से प्रधानी हासिल करने की शिकायत की है। कहा, ममता की शादी पुरइन गांव में चौरसिया परिवार में हुई थी। इस चुनाव ने महिला ने अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवा कर प्रधान पद हासिल कर लिया। ममता का मायका ङ्क्षबदकी कोतवाली के जनता गांव में है और उसके पिता का नाम जगन्नाथ चौरसिया है।अधिवक्ता शाश्वत गर्ग ने बताया कि बंथरा और सेनपुर ग्राम सभा के मामले मेरे पास हैं। शिकायत करने वाले शिकायत कर-कर थक गए हैं। अफसरों ने अनदेखी की है अब दोनों मामलों को हाईकोर्ट ले जा रहे हैं। रिट तैयार हो रही है, जल्द ही दाखिल होगी। दोषी अफसर व कर्मचारियों पर कोर्ट फैसला सुनाएगा।शिकायतकर्ताओं ने नामांकन के समय मुद्दा उठाया होता तो उसी समय जांच कर प्रत्याशिता पर निर्णय लिया जाता। सदर और ङ्क्षबदकी तहसील से प्रमाणपत्र जारी है तो पहले उन प्रमाणपत्रों की सत्यता जांची जाएगी। अगर गलत बनें है तो जारी करने वाले अफसरों पर कार्रवाई होगी। - लालता प्रशासन शाक्य  

फतेहपुर से अन्य समाचार व लेख

» फतेहपुर में अवैध मतांतरण के मामले में विजय सोनकर गिरफ्तार

» भाजपा विधायक आवास में बंधक बनाकर बेटी से किया दुष्कर्म

» फतेहपुर में लूट के मोबाइल फोन समेत अंतरजनपदीय दो लुटेरे हत्थे चढ़े

» फतेहपुर में किशोरी की बेरहमी से हत्या कर नाले में फेंका शव

» फतेहपुर में 13 लाख के घपले में दो VDO निलंबित