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जबरन रंग लगाने के बवाल में दो पक्ष भिड़े, पथराव में एसओ समेत 30 घायल


🗒 शनिवार, मार्च 19 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
जबरन रंग लगाने के बवाल में दो पक्ष भिड़े, पथराव में एसओ समेत 30 घायल

फतेहपुर, । किशुनपुर कस्बे में शुक्रवार दोपहर बाइक सवार युवकों को जबरदस्ती रंग लगाने के विवाद से दो पक्षों के मध्य  हिंसा भड़क गई। पुलिस ने जब किशुनपुर के चेयरमैन और उनके भाई को हिरासत में लिया तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। इससे अफसरों के वाहनों के शीशे टूट गए। मारपीट और पथराव में दोनों पक्षों से हथगाम एसओ समेत 30 लोग जख्मी हो गए। एडीजी प्रयागराज जोन प्रेमप्रकाश के साथ आइजी डा. राकेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और आरोपितों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। कस्बे में मंडी गेट के पास कुछ लोग डीजे की धुन पर नाच रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे पड़ोसी गांव सरौली के रहने वाले सोनू, इंद्रजीत सिंह और संजय कोरी उधर से निकले। तभी बाइक सवारों को रंग लगाने के लिए युवकों ने घेरकर गिरा दिया। जबरदस्ती रंग लगाने का विरोध करने पर भीड़ में शामिल युवकों ने बाइक सवारों की पिटाई कर दी। इंद्रजीत ङ्क्षसह के सिर पर किसी ने लोटे से प्रहार कर दिया। इससे वह घायल हो गया। वहीं, क्षतिग्रस्त बाइक छोड़कर तीनों युवक वहां से भाग निकले। यह बात जब सरौली गांव के लोगों को पता चली तो सोनकर समाज के लोग  लाठी-डंडा लेकर किशुनपुर पहुंचे। इस पर सिगरौर बिरादरी के लोग भी हमलावर हो गए। सोनकर बिरादरी के लोगों को खदेड़ते मंडी गेट से लेकर किशुनपुर चेयरमैन सुरेंद्र सोनकर के घर तक पीटते हुए ले गए। इसमें कई लोग घायल हो गए। घायलों को लेकर सरौली गांव के लोग थाना गेट पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। किशुनपुर एसओ आशुतोष सिंह मौके पर गए और आधा घंटे के भीतर ही गाजीपुर, खखरेड़ू, खागा कोतवाली, हथगाम के साथ ही कौशांबी और चित्रकूट जिले से पुलिस फोर्स किशुनपुर कस्बा पहुंच गई। एसडीएम प्रभाकर त्रिपाठी, एएसपी, सीओ गयादत्त मिश्र, तहसीलदार शशिभूषण मिश्र बवाल की सूचना पाकर कस्बा पहुंचे। देर शाम एसपी राजेश कुमार सिंह पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंच गए। सरौली ग्राम प्रधान अतुल सिंहह और किशुनपुर चेयरमैन को बुलाकर अफसरों ने वार्ता की। किशुनपुर चेयरमैन सुरेंद्र सोनकर और इनके भाई जीतेंद्र सोनकर आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी पुलिस ने हिरासत में लिया ले लिया। इस पर आक्रोशित भीड़़ ने पुलिस और अफसरों पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। रात करीब नौ बजे हुए बवाल में एसपी, एएसपी, एसडीएम व तहसीलदार खागा के वाहनों के शीशे टूट गए। पथराव में हथगाम एसओ अश्वनी कुमार सिंह, सिपाही दीपक कुशवाहा, महिला सिपाही सोनी, एएसपी के चालक गयादीन भारती, तहसीलदार के चालक रामराज यादव घायल हो गए। रात करीब एक बजे एडीजी और आइजी कस्बा पहुंचे। घटनाक्रम की जानकारी लेकर दोनों अधिकारियों ने किशुनपुर कस्बा, सरौली, रमसगरा व रामपुर गांव का भ्रमण किया। अफसरों ने बताया कि बवाल में अब तक तीन मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस फोर्स छापेमारी कर रहा है। स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जा रही है। रंग लगाने के विवाद में हुए बवाल पर आरोपितों पर सेवन सीएलए एक्ट के तहत सरकारी कार्य में बाधा डालकर पथराव करने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराया जा रहा है। तनाव को देखते हुए पांच थानों की फोर्स मुस्तैद कराकर एक कंपनी पीएसी भी बुला ली गई है। माहौल शांत कराने के बाद आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी।  राजेश कुमार सिंह, एसपी।