गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट में यादव सिंह के बेटे सनी ने किया समर्पण, भेजा गया जेल

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गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट में यादव सिंह के बेटे सनी ने किया समर्पण, भेजा गया जेल


🗒 सोमवार, जुलाई 23 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

आय से अधिक संपत्ति मामले में नोएडा प्राधिकरण के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह के बेटे सन्नी ने सोमवार को गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। सन्नी ने सीबीआई के विशेष जज राजेश चौधरी की अदालत में सरेंडर किया। अदालत ने उसे जेल भेज दिया। कुछ दिन पूर्व ही सुप्रीम कोर्ट ने सन्नी की जमानत याचिका खारिज की थी। मामले में सीबीआई काफी दिनों से सन्नी की तलाश कर रही थी।

गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट में यादव सिंह के बेटे सनी ने किया समर्पण, भेजा गया जेल

इससे पहले 11 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा टेंडर घोटाले के आरोपी पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह की पुत्रवधू श्रेष्ठा सिंह को राहत देते हुई गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने श्रेष्ठा को निचली अदालत में समर्पण करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अगर वह आय से अधिक संपत्ति मामले में निचली अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र देती है और अर्जी खारिज हो जाती है तो भी उस तारीख से 30 दिन तक उसकी गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रहेगी।

आय से अधिक संपत्ति मामले में यादव सिंह समेत उसका पूरा परिवार आरोपी है। यादव सिंह का बेटा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में प्रबंधक परियोजना के पद पर तैनात था। आय से ज्यादा संपत्ति मामले में नाम आने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। सीबीआइ ने घोटाले की चार्जशीट में सन्नी और उसके परिवार के अन्य सदस्यों का भी नाम शामिल किया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के निलंबित मुख्य अभियंता यादव सिंह पर पद का दुरुपयोग कर निर्माण एवं विकास कार्यों के टेंडरों में करोड़ों रुपये का घोटाला करने का आरोप है। वह लंबे समय से जेल में है।

यादव सिंह की 20.38 करोड़ रुपये की संपत्ति हो चुकी है जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 9 मई 2018 को नोएडा के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह की 14.48 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। आय से अधिक संपत्ति मामले में अब तक उनकी 20.38 करोड़ की संपत्ति जब्त हो चुकी है। ईडी ने यह कार्रवाई धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत की थी।

मालूम हो कि सीबीआई यादव सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर चुकी है। ईडी की जांच में पाया गया कि यादव सिंह, उनकी पत्नी कुसुमलता और उनकी दो कंपनियां मैसर्स कुसुम गारमेंट तथा मैसर्स केएस अल्ट्राटेक प्राइवेट लिमिटेड इस मामले से जुड़ी हैं। इनकी कीमत 14.48 करोड़ रुपये थी।

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