उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य अनिल अग्रवाल की अचानक तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

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उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य अनिल अग्रवाल की अचानक तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती


🗒 शुक्रवार, सितंबर 06 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य अनिल अग्रवाल की अचानक तबीयत बिगड़ने के चलते कौशाम्बी के यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां पर उनका इलाज किया जा रहा है। बताया  जा रहा है कि उन्हें हृदय संबंधी समस्या है। बताया जा रहा है कि अनिल अग्रवाल को आइसीयू (ICU) में रखा गया है।उधर, अनिल अग्रवाल को हार्ट अटैक की सूचना मिलते ही अस्पताल में बीजेपी कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। भाजपा के राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल ने पिछले महीनों गाजियाबाद जिले का नाम बदलने की मांग उठाई है।उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर गाज़ियाबाद का नाम महाराजा अग्रसेन नगर रखने की मांग की थी।गाजियाबाद के अनिल अग्रवाल एक राजनीतिक घराने से ताल्‍लुक रखते हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अनिल गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर रह चुके हैं। साल 2006 में उन्होंने नौकरी छोड़कर शिक्षा संस्थान शुरू किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते समय ही उनके मन में एक इं‍जीनियरिंग कालेज खोलने की इच्‍छा थी।इसी क्रम में उन्‍होंने गाजियाबाद में एचआरआईटी कॉलेज व डीपीएस स्कूल की ब्रांच स्थापित की है। इसके बाद सियासत में उनकी दिलचस्‍पी जगी। राज्‍यसभा सदस्‍य चुने जाने के पूर्व वह एमएलसी स्नातक का निर्दलीय चुनाव लड़ा। हालांकि इस चुनाव में वह सफल नहीं रहे लेकिन राजनीति के प्रति उनकी दिलचस्‍पी कम नहीं हुई। भाजपा के समर्थन के बावजूद वह इस चुनाव में काफी कम मतों से पराजित हुए।अनिल अग्रवाल का नाम शिक्षा जगत में खासा बड़ा है। उनके गाजियाबाद में एचआरआईटी कॉलेज व डीपीएस स्कूल की ब्रांच है। पूर्व में अनिल अग्रवाल एमएलसी स्नातक का निर्दलीय चुनाव लड़े थे उन्हें भाजपा का समर्थन था। इस चुनाव में वह काफी कम मतों से हार गए थे।अनिल राजनीतिक घराने से संबंध रखते हैं, उनके रिश्तेदार अखिलेश दास प्रसिद्ध राजनीतिक शख्सियत रहे हैं। इसके चलते भाजपा के अंदर उनकी अच्‍छी घुसपैठ मानी जाती है। भाजपा के कई वरिष्‍ठ नेताओं से उनके अच्छे हैं। पूर्व में उन्होंने भाजपा के कई बड़े कार्यक्रमों का सफल आयोजन कराके पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं का ध्‍यान अपनी ओर आकर्षित किया। माना जा रहा है कि उन्हें अपने संपर्कों का लाभ मिला। इसी के चलते वह राज्यसभा सदस्य के लिए भी अतिरिक्त वोट जुटाने में सफल रहे।अनिल अग्रवाल उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम बाबू बनारसी दास के रिश्तेदार हैं। उनके पिता हरिश्चंद अग्रवाल शिक्षक थे। वे हरिद्वार के मूल निवासी हैं और गाजियाबाद में 20-25 साल से रह रहे हैं! उनका एक बेटा अंजुल और एक बेटी प्रियल है! अंजुल शिक्षण संस्थान के मैनेजमेंट में है। 

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