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मौदहा-4 दिन बीत जाने के बाद पत्रकारों ने अनशन से आमरण अनशन में किया तब्दील प्रशासन मौन


🗒 बुधवार, दिसंबर 16 2020
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
मौदहा-4 दिन बीत जाने के बाद पत्रकारों ने अनशन से आमरण अनशन में किया तब्दील प्रशासन मौन
 
 
मौदहा हमीरपुर।कोतवाली प्रभारी को निलंबित किए जाने की मांग को लेकर शुरु हुआ पत्रकारों का अनशन अब आमरण अनशन में बदल गया है।अनशन के चार दिन बीत जाने के बाद भी प्रसाशनिक अधिकारियों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर पत्रकारों से बात करना उचित नही समझा।
    गौरतलब हो कि कस्बा निवासी पत्रकार उमेश कुमार के साथ कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार शुक्ला ने बीती पांच दिसम्बर को अभद्रता की थी साथ ही उसे हवालात में बंद कर दिया था।जिसके बाद 9 दिसम्बर को सैय्यद जिला प्रेस क्लब संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए मनोज कुमार शुक्ला की कार्यशैली से अवगत कराया था।और कोतवाली प्रभारी को तीन दिन के भीतर निलम्बित किए जाने की मांग की थी।निर्धारित समय पर मांग पूरी न किए जाने पर पत्रकारों ने अनशन पर बैठने की चेतावनी दी थी।जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंप दी।निर्धारित समय पर निलंबन की कार्यवाही न किए जाने से  पत्रकार 13 दिसंबर से तहसील परिसर में अनशन पर बैठ गए।यह अनशन आज बुधवार से आमरण अमशन में बदल गया है।अनशन के चार दिन बीत गए पर अब तक पत्रकारों से प्रसाशनिक अधिकारियों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर बात करना मुनासिब नही समझा।
    कोतवाली प्रभारी इससे पूर्व भी अन्य पत्रकारों के साथ बदसलूकी कर चुकें हैं।जिसकी तमाम शिकायतों के बाद भी कोतवाली प्रभारी पर कोई कार्यवाही नही की गई।जिससे कोतवाली प्रभारी के हौसले बुलंद हो गए हैं।अनशन पर बैठे पत्रकारों में संगठन के सरंक्षक कौशल किशोर गुप्ता, अध्यक्ष ब्रजेश ओझा, किरन सिंह,रविन्द्र कुमार, अनिल कुमार, नवलकिशोर, कमरुद्दीन, उमेश कुमार, अनूप कुमार आदि पत्रकार शामिल रहे।