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गौशालाओं में बढ़ती ठंड, से बीमार होने पर गोवंश तड़प तड़प कर त्याग रहे प्राण


🗒 बुधवार, जनवरी 19 2022
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
गौशालाओं में बढ़ती ठंड, से बीमार होने पर गोवंश तड़प तड़प कर त्याग रहे प्राण

 हमीरपुर मौदहा। विकासखंड के ग्राम पंचायतों में स्थित गौशाला में गोवंश तड़प तड़प कर दम तोड़ रहे हैं। बताते चलें कि टिकरी, भैंसमरी, भमई ग्राम पंचायतों में अव्यवस्था के चलते तड़प-तड़प कर दम तोड़ रहे। टिकरी में 3 गोवंश की मौत स्थानीय रखवाली करने वाले 5 मिनट में गोवंश को कड़ेल के ट्रैक्टर से बाहर फेंक दिया गया। लेकिन गोवंशों की मौत का दर्द न सरकार को है,न ही उनके जिम्मेदारों को आखिर योगी सरकार में इन बेजुबान गोवंशों की मौत का जिम्मेदार कौन हैं।एक तरफ सरकार हिंदू धर्म की दुहाई देकर बडी़ बडी़ बातें करती हैं।वहीं दूसरी ओर हिंदूओं की गोमाताओं को गोशाला रुपी कसाईखाने में बंद कर मरने कों मजबूर छोड़ दिया है। उनके जिम्मेदार इतने स्वार्थी बन गए हैं कि उनका जरा सा भी दर्द दिखायी नहीं दे रहा है।जहां पर जीवित गोवंशों को आदमखोर कुत्ते नोंच नोंचकर खा जाते हैं, लेकिन कोई भी जिम्मेदार इनके ओर हाथ बडा़ कर साहयता के लिए तैयार नहीं है।शीतलहर की सर्दी में ठण्ड एवं भूख से व्याकुल होकर अपना दम तोड़ रहे हैं।यदि सरकार की कागज पूर्ति नियमों की बात कि जायें तो उनके जिम्मेदार अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि पूरा ग्राउण्ड तैयार कर सभी मूलभूत सुविधाओं से तैयार गौशालाओं की बात करते हैं।लेकिन यदि योगी सरकार के जिम्मेदारों की हकीकत जाननी हो तो जीता जागता उदाहरण ग्राम पंचायत टिकरी गौशाला में उपलब्ध हैं।  

जहां पर खुले टीनसेट के नीचें शीतलहर सर्दी से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है, गौवंश तड़प तड़प कर दम तोड़ते हुए,देखे जा सकते हैं।जब इस संबंध में अधिकारी से सम्पर्क साधा तो सदैव की भांति उनका टेलीफोन बंद होने के कारण सम्पर्क नहीं हो सका।