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झांसी में मोमो चैलेंज मोबाइल गेम का टास्क पूरा करने के लिए फांसी के फंदे पर झूल गया राहुल


🗒 रविवार, जून 23 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

मोबाइल गेम बच्चे के लिए कितना खतरनाक हो सकता है, शायद इसका अंदाजा भी आपको न हो। पहले ब्लू व्हेल फिर मोमो चैलेंज और पबजी, ये मोबाइल गेम बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। रविवार की दोपहर एक किशोर ने फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। लोगों के अनुसार वह खतरनाक मोबाइल गेम का शौकीन था। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।तालपुरा स्थित ज्वाला महाराज का बगीचा निवासी राहुल परिहार के पिता आगरा में कार्यरत हैं। मां मीना देवी पारीछा स्थित मायके में रहती हैं, जबकि राहुल दादा-दादी के पास रहता है। आसपास रहने वालों के अनुसार राहुल को मोबाइल फोन पर खतरनाक गेम खेलने का शौक था। रविवार दोपहर उसने गेम खेलने के दौरान कमरे में फांसी का फंदा लगा लिया। हालत देख लोग उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया कि राहुल मोबाइल पर मोमो चैलेंज गेम खेला करता था। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले कुछ कहने को तैयार नहीं है।

झांसी में मोमो चैलेंज मोबाइल गेम का टास्क पूरा करने के लिए फांसी के फंदे पर झूल गया राहुल

मोमो बच्चों को गेम में चैलेंज करता है और गेम के दौरान बच्चे के अंक बढ़ते जाते हैं। इस खतरनाक गेम की शुरुआत एक वाट्सएप रिक्वेस्ट से होती है। मोमो गेम वाट्सएप का कॉटेक्ट नंबर है जिसे अब तक वाट्सएप पर ही शेयर किए जाते देखा गया है। नंबर को शेयर और एड करने के बाद एक डरावने चेहरे वाली एक लड़की की तस्वीर सामने आती है। इस ऑनलाइन खेल का लिंक वाट्सएप के जरिए सबसे ज्यादा शेयर किया जा रहा है। गेम में लगातार फोन पर अलग-अलग तरह के टास्क दिए जाते हैं, जिन्हें यूजर को पूरा करना होता है। इसमें कई तरह के टास्क को पूरा करते हुए आखिरी में आत्महत्या का टास्क भी मिलता है।अगर आपका बच्चा खाना खाने के लिए, सोने और पढ़ाई करने से पहले मोबाइल देखने की जिद करता है तो सावधान हो जाएं। यह जिद उसके लिए खतरनाक हो सकती है। उनमें गुस्सा, नाराजगी, रुठना, काम में मन नहीं लगना, चिड़चिड़ापन देखने को मिल रहा है तो संभव है कि वह गेमिंग डिस्आर्डर की चपेट में आ रहा है। ऐसे सावधान हो जाएं और उसे मनो विशेषज्ञ के पास ले जाएं। बच्चे को दोस्ताना व्यवहार करते हुए समझाने का प्रयास करें।

बच्चों में ये आ रही समस्याएं

  • घरवालों से भावनात्मक संबंध नहीं बना रहे हैं।
  • झूठ बोलना, बहानेबाजी की आदत।
  • स्कूल और अन्य क्रियाकलापों से जी चुराना।
  • बेवजह और मारपीट की बातें करना।
  • हर इच्छाएंपूरी होने की ख्वाहिश।
  • देर रात तक जागना, देर से सोकर उठना।

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