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कानपुर मे नर्सिंग होम में आयुष्मान के मरीज को छला, भैंस बेच परिवार ने चुकाई रकम


🗒 रविवार, जून 02 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

आयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य) योजना में निश्शुल्क इलाज के लिए एलएलआर अस्पताल में भर्ती ब्रेन टीबी से पीडि़त वृद्धा को कमीशन के लिए नर्सिंग होम को बेच दिया गया। आउट सोर्सिंग से तैनात एक वार्ड आया ने खराब इलाज का डर दिखाकर एंबुलेंस से उन्हें एक नर्सिंग होम भेज दिया। सरकारी अस्पताल से 'बिके' मरीज और तीमारदार नर्सिंग होम में 'लुट' गए। वहां 19 घंटे में बगैर किसी इलाज के 24,900 रुपये वसूल लिए गए। गरीब परिवार को भैंस बेचकर रकम चुकानी पड़ी। पीडि़त ने शनिवार को सीएमएस व प्रमुख अधीक्षक से लिखित शिकायत की। इसके बाद आया की सेवा समाप्त कर दी गई।

कानपुर मे नर्सिंग होम में आयुष्मान के मरीज को छला, भैंस बेच परिवार ने चुकाई रकम

भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर) निवासी ज्ञान सिंह के मुताबिक उनकी समधिन जालौन के भेड़ी खुर्द (कदौरा) निवासी 75 वर्षीय राजाबाई को 26 मई की रात एलएलआर इमरजेंसी में भर्ती कराया। अगले दिन ही उन्हें मेडिसिन वार्ड 12 के बेड आठ पर शिफ्ट किया गया। ज्ञान सिंह जरूरी काम से गांव चले गए। राजाबाई के साथ नातिन प्रियंका थी। वार्ड आया संगीता आई और कहा, यहां इलाज अच्छा नहीं होता है, मरीज मर जाते हैं। मेरे परिचय के अच्छे डॉक्टर को दिखाओ तो जल्द ठीक कर देंगे। इससे प्रियंका और राजाबाई बुरी तरह डर गईं। संगीता ने फोन कर प्राइवेट एंबुलेंस बुलाई और कल्याणपुर के न्यू आजाद नगर स्थित रामेंद्र सिंह कुशवाहा मेमोरियल नर्सिंग होम एवं रिसर्च सेंटर में भर्ती करा दिया।28 मई को ज्ञान सिंह मामला जानकर नर्सिंग होम पहुंचे और मरीज की छुट्टी करने को कहा तो 24,900 रुपये का बिल पकड़ाया गया। इतनी रकम पास में नहीं थी। ऐसे में राजाबाई की भैंस 40 हजार रुपये में बेची और बिल चुकाया। उसके बाद मरीज को फिर एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार सुबह सीएमएस डॉ. रीता गुप्ता वार्ड का निरीक्षण करने गईं तो ज्ञान सिंह ने आपबीती बताई।प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरके मौर्या ने बताया कि आया की सेवा समाप्त कर दी है। सेवा प्रदाता कंपनी को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे कर्मचारी दिए तो काली सूची में डालने के लिए शासन को लिखा जाएगा। प्रमुख अधीक्षक के मुताबिक नर्सिंग होम में मरीज को बमुश्किल चार सौ रुपये की दवाएं दीं और 7500 रुपये चार्ज किए। बगैर इलाज लंबा चौड़ा बिल वसूला। नर्सिंग होम पर सख्त कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र लिखा है।

इतना वसूला बिल

14,900 रुपये नर्सिंग होम का बिल

7500 रुपये दवा के नाम पर

2000 रुपये पैथालॉजी जांच के नाम पर

500 रुपये एंबुलेंस के लिए  

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