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कानपुर मे पत्नी के नाम से बीमा कंपनी में 21.50 लाख रुपये का बीमा मौत बताकर क्लेम दाखिल


🗒 गुरुवार, अगस्त 22 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

पत्नी के नाम से बीमा कंपनी में 21.50 लाख रुपये का बीमा कराया गया और फिर मौत बताकर क्लेम दाखिल कर दिया। कंपनी ने जब जांच कराई तो सच सामने आने पर पांव तले जमीन खिसक गई। अब कंपनी के अधिकरियों ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है और पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है। मामला आइसीआइसीआइ प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का है। भार्गव एस्टेट साईं स्क्वायर स्थित शाखा के प्रबंधक दीप पाठक ने बताया कि 19 अप्रैल 2012 को फर्रुखाबाद स्थित आवास विकास कॉलोनी की रहने वाली शिक्षिका विमलेश के नाम से 21.50 लाख रुपये बीमा राशि की पॉलिसी ली गई थी। 3406 रुपये की एक वार्षिक किस्त जमा की गई थी। तीन साल बाद 22 अप्रैल 2015 को महिला के पति व नामित सचिन कुमार ने विमलेश की मौत 20 जुलाई 2012 को हो जाने की सूचना देते हुए क्लेम प्रस्तुत कर दिया। साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र व लिखित बयान भी दिया। पॉलिसी लेने के तीन माह के अंदर ही मृत्यु होने पर कंपनी ने आंतरिक जांच कराई तो पता चला कि फर्रुखाबाद से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी है। टीम महिला के स्कूल गई तो जानकारी मिली कि इस नाम की कोई महिला कभी कार्यरत नहीं रही। तब कंपनी के अधिकारियों ने एडीजी प्रेम प्रकाश से गुहार लगाई। मंगलवार को एडीजी के आदेश पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। कोतवाली प्रभारी आशीष शुक्ला ने बताया कि दस्तावेजों के आधार पर जांच की जाएगी। आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मुर्दों के नाम से बीमा कराकर क्लेम हड़पने का खेल नया नहीं है। तीन वर्ष पूर्व मुरादाबाद में पुलिस ने बड़ा रैकेट पकड़ा था। जिसमें कंपनियों के एडवाइजर, एजेंट तक मिले हुए थे। पुलिस ने उन्हें भी जेल भेजा था। आइसीआइसीआइ प्रूडेंशियल के रिस्क एंड गवर्नेंस विभाग के यूपी हेड विश्वास चौहान ने बताया कि प्रयागराज में भी फर्जी बीमा और क्लेम का मामला सामने आया था। बताया कि मामले में सचिन के साथ बीमा कराने वाले एडवाइजर के खिलाफ भी जांच की जा रही है।

कानपुर मे पत्नी के नाम से बीमा कंपनी में 21.50 लाख रुपये का बीमा मौत बताकर क्लेम दाखिल

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