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कानपुर में प्रतिबंधित नशीली दवा की खेप के साथ पकड़े गए तस्कर


🗒 सोमवार, जून 21 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
कानपुर में प्रतिबंधित नशीली दवा की खेप के साथ पकड़े गए तस्कर

कानपुर, शहर में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप लेकर आए दो तस्करों को क्राइम ब्रांच और गोविंद नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने दबोच लिया। इनके पास से नशीली दवाओं की हजारों टेबलेट मिली हैं। आरोपित नकली दवाएं भी बेचते थे। इनके तार लखनऊ अमीनाबाद थानाक्षेत्र के कसाईबाड़ा से जुड़े होने की जानकारी मिलने के बाद लखनऊ पुलिस ने भी छापेमारी करके भारी मात्रा में नकली दवाएं और इंजेक्शन बरामद किए हैं। फिलहाल छापेमारी जारी है। क्राइम ब्रांच को नशीली दवाओं के खेप आने की सूचना मिली थी। इस पर गोविंदनगर पुलिस के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी की गई। आरोपितों के पास बड़ी संख्या में शेड्यूल-एच के अंतर्गत आने वाली दवाएं मिलीं। पूछताछ में इन्होंने अपना नाम जगईपुरवा निवासी पिंटू गुप्ता उर्फ गुड्डू और बेकनगंज निवासी आसिफ मोहम्मद खां उर्फ मुन्ना बताया है। इनके पास 59 डिब्बों में 17770 नाइट्रावेट-10 और नकली जिफी की कुल 48 हजार टेबलेट बरामद हुई हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपितों के तार लखनऊ के कसाईबाड़ा क्षेत्र से जुड़़े हैं। इसके बाद क्राइम ब्रांच की सूचना पर लखनऊ की अमीनाबाद पुलिस ने क्षेत्र में स्थित एक गोदाम में छापेमारी कर नकली नशीले इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाओं का बड़ा स्टॉक बरामद किया। हालांकि सरगना अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। आरोपितों से पूछताछ में सामने आया कि पिंटू उर्फ गुड्डू का काम लखनऊ से माल लाकर मुन्ना तक पहुंचाना था। माल की खरीद के बाद गुड्डू रोडवेज बस के माध्यम से माल लोड कराकर भेजता था। इसके बाद वाट्सएप पर गुड्डू गाड़ी नंबर की फोटो और कंडक्टर का मोबाइल नंबर की पर्ची मुन्ना को मुहैया कराता था। लखनऊ से माल कानपुर के साथ हमीरपुर, बांदा, बहराइच, गोरखपुर, प्रयागराज, गोंडा, बाराबंकी आदि जिले में सप्लाई होता था। शहर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सप्लाई दी जाती थी। एडीसीपी अपराध ने बताया कि नशीली और नकली दवाओं की बिक्री करने वाले कुछ मेडिकल स्टोरों को चिह्नित किया गया है। जल्द ही उन पर कार्रवाई होगी। नकली और नशीली दवाओं की सप्लाई के नेटवर्क के तार पूरे प्रदेश के कई जनपदों में फैले हैं। क्राइम ब्रांच की टीम गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। जल्द ही इनका नेटवर्क ध्वस्त किया जाएगा। -  दीपक भूकर, एडीसीपी अपराध