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पत्नी का प्यार पाने के लिए होजरी व्यापारी ने गंवाई जान


🗒 रविवार, अगस्त 22 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
पत्नी का प्यार पाने के लिए होजरी व्यापारी ने गंवाई जान

कानपुर, । फजलगंज से लापता होजरी व्यापारी की हत्या की वजह वैसे तो तंत्रमंत्र में दिए पैसे को लेकर विवाद बताई जा रही है लेकिन अगर असल कारण पत्नी का प्यार पाना कहा जाए तो गलत नहीं होगा। होजरी व्यापारी को उसके दोस्तों ने पहले तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगा और फिर हमीरपुर ले जाकर मौत के घाट उतार दिया। शनिवार को पुलिस ने उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार करने के बाद हत्या का राजफाश कर दिया।दर्शनपुरवा निवासी होजरी व्यापारी नीरज दीक्षित 13 अगस्त को घर से कहीं चले गये थे। दूसरे दिन तक वापस न आने पर स्वजन ने फजलगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसी दिन नीरज की बाइक फतेहपुर जनपद के कल्याणपुर थानाक्षेत्र में जली हुई मिली थी, जबकि 17 अगस्त को नीरज का शव जनपद हमीरपुर के कुरारा थानाक्षेत्र के जंगल में पड़ा मिला था। कपड़ों से उनकी पहचान के बाद पुलिस ने 19 अगस्त को गुमशुदगी को हत्या के मुकदमे तरमीम किया था।पुलिस को नीरज की हत्या की जांच के दौरान मोबाइल फोन की सीडीआर से सुराग मिले। काल डिटेल में कुछ संदिग्ध दोस्तों से वारदात के समय बातचीत सामने आई। इसके बाद पुलिस ने दोस्तों की पहचान कराई और थाना महाराजपुर धमना गांव निवासी शैलेन्द्र कुशवाहा और फतेहपुर अमौली गांव के धर्मेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ। दोनों दोस्तों ने नीरज की हत्या की स्वीकारोक्ति करते हुए पूरा घटनाक्रम बताया, जिसे सुनने वाले भी हैरत में पड़ गए।पूछताछ में सामने आया कि नीरज अपनी पत्नी का प्यार पाना चाहता था। नीरज को शक था कि उसकी पत्नी का संबंध किसी और से है, इसी वजह से वह उसपर ध्यान नहीं देती है। पत्नी का प्यार पाने के लिए वह तंत्र-मंत्र के चक्कर में पड़ गया था और दो माह पहले महाराजपुर में किसी तांत्रिक के पास गया था। वहां पर शैलेंद्र से उसकी मुलाकात हुई थी और दोनों के बीच दोस्ती हो गई थी। शैलेंद्र ने नीरज को बिधनू के एक तांत्रिक के बारे में जानकारी देते हुए उसकी समस्या का हल करने का भरोसा दिए था। शैलेंद्र उसे तांत्रिक के पास ले गया था और तंत्रमंत्र कराने के लिए उससे 70 हजार रुपये भी लिये थे।पूछताछ में सामने आया कि पत्नी पर तंत्रमंत्र का असर नहीं दिखाई देने पर नीरज को अहसास हो गया कि शैलेंद्र ने उसे ठग लिया है। इसपर जब उसने शैलेंद्र से सत्तर हजार रुपये वापस मांगे तो विवाद शुरू हो गया। पुलिस के मुताबिक शैलेंद्र ने साजिश रचते हुए नीरज से हमीरपुर में अच्छे तांत्रिक होने का झांसा देकर साथ चलने की बात कही। इसपर मोबाइल फोन पर बात होने के बाद शैलेंद्र ने 13 अगस्त को नीरज को बुलाया। इसके बाद शैलेन्द्र और श्यामू महाराजपुर के रहने वाले धर्मेंद्र के पास उसे ले ग। दोनों ने नीरज को बताया कि धर्मेंद्र ही हमीरपुर वाले तांत्रिक का लड़का है। फिर तीनों उसे लेकर हमीरपुर गए और जंगल में नीरज की गला घोटकर हत्या करके शव फेंक दिया। इसके बाद नीरज की बाइक को फतेहपुर के कल्याणपुर में लाकर जला दिया ताकि उसकी तलाश फतेहपुर के आसपास ही की जाती रहे।