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कुशीनगर में चार दिन बाद भी पकड़ में नहीं आ सका विचित्र जीव, दहशत में लोग


🗒 सोमवार, अप्रैल 15 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

कुशीनगर में खड्डा उपनगर के वार्ड संख्या पांच गांधीनगर मोहल्ले में चार दिन से दिख रहे विचित्र जीव के रहस्य से रविवार को भी पर्दा नहीं उठ सका। मोहल्ले के लोग सहमे हुए हैं। खौफ, हर किसी के चेहरे पर दिखाई दे रहा था। शनिवार को दिन में उप जिलाधिकारी, वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे लेकिन विचित्र जीव पकड़ में नहीं आ सका। वन विभाग ने रविवार की रात को पूरी तैयारी के साथ उसे पकडऩे की दोबारा कोशिश करने की बात कही है। इसके बाद भी लोगों के मन में समाई दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही।खड्डा उपनगर के गांधीनगर मोहल्ले के लोगों ने बीते बुधवार को अंधेरा होने के बाद एक घर की छत पर पांच-छह की संख्या में विचित्र से दिखने वाले जीव को घूमते देखा। थोड़ी ही देर में यह बात पूरे मोहल्ले में फैल गई। विचित्र जानवर को देखने के लिए लोग घरों से बाहर आ गए। इस बीच जीवों का झुंड एक छत से दूसरी छत पर आता-जाता रहा। उन्हें देखने के लिए भीड़ बढऩे के साथ ही शोर होने पर जीवों का वह झुंड छातों के रास्ते ही एक खंडहर हो चुके हवेलीनुमा मकान में जाकर गुम हो गया। उसी दिन से उन जीवों को लेकर उपनगर में सनसनी बनी हुई है। उन्हें लेकर लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।

कुशीनगर में चार दिन बाद भी पकड़ में नहीं आ सका विचित्र जीव, दहशत में लोग

इन जीवों को देखे जाने के दूसरे दिन सोशल मीडिया, खासकर वाट्स एप ग्रुप पर एक डरावने जीव की तस्वीर वायरल होने लगी। इसी तस्वीर ने उस विचित्र जीव को लेकर लोगों में दहशत का माहौल बना दिया। तस्वीर में उस जीव का शरीर बिल्ली और छिपकली के मिले-जुले आकार में है लेकिन चेहरा आदमी जैसा है। हालांकि बाद में गूगल की मदद से छानबीन करने पर यह स्पष्ट हो गया कि वायरल हो रही तस्वीर फोटोशॉप की मदद से तैयार की गई है। इससे पहले भी देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उस विचित्र जीव की तस्वीर वायरल हो चुकी है।कस्बे में स्थित हरिश्चंद्र तुलस्यान का हवेलीनुमा खपरैल का दो मंजिला मकान खंडहर हो चुका है। उसी मकान को विचित्र जीवों का ठिकाना बताया जा रहा है। अभी तक उसी मकान से लोगों ने उन्हें निकलते हुए देखा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अंधेरा होने के बाद जीवों का झुंड निकलता है और आसपास के घरों की छतों से होते हुए रात भर पूरे मोहल्ले में घूमता है। वन विभाग ने उन जीवों के बिज्जू होने की संभावना जताई है। बिज्जू आमतौर से मरे हुए जानवरों का मांस खाते हैं।जिस पुरानी मकान को विचित्र जीव का ठिकाना बताया जा रहा है, उससे थोड़ी दूरी पर ही दीनदयाल मद्धेशिया ने कबाड़ का गोदाम बना रखा है। गोदाम के ही एक हिस्से में टिनशेड का कमरा बनाकर रहते भी हैं। दो दिन पहले विचित्र जीवों का झुंड उनके कमरे में घुस आया। दीनदयाल ने उन्हें भगाने की कोशिश की तो रास्ता न मिलने पर उनमें से एक ने उन पर हमला कर दिया। उनके बाएं हाथ पर जानवर के पंजे से खरोच आ गई। एहतियात के तौर पर उन्होंने रैबीज का टीका लगवा लिया है लेकिन उसी दिन से पूरा परिवार दहशत में है।

उपनगर के कई लोगों ने उसे पहले भी देखने का दावा किया है। जिस मकान के खंडहर को उन जीवों का ठिकाना बताया जा रहा है उसके मालिक हरिश्चंद्र तुलस्यान की बेटी मुस्कान की माने तो वास्तव में कुछ-कुछ नेवले जैसा दिखने वाला उस जीव को अपने घर के खंडहर में वह डेढ़ साल से अधिक वक्त से देख रही है। उनके घर में काम करने वाले और मोहल्ले के भी कुछ लोगों ने लंबे समय से उस जीव को देखे जाने का दावा किया है।खंडहर से सटा ज्ञानती देवी का मकान है। अक्सर वे खंडहर से निकल कर उनके घर की छत पर आ जाते हैं। उनका कहना है कि उनकी आंखे बेहद चमकीली हैं।कबाड़ का कारोबार करने वाले मोहल्ले के दीन दयाल मद्धेशिया पर उस जीव ने हमला किया था। उसी दिन से उनकी पत्नी शिव कुमारी पूरी रात जागकर गुजार रही हैं। वह कहती हैं छोटे बच्चे हैं। रात में गहरी नींद में सो जाते हैं। ऐसे में डर बना रहता है कि वह जीव दोबारा हमला न कर दे। उनके मुताबिक रात में कई बार जीवों का झुंड उनके घर में घुस आता है। अंदर के कमरों में भी चला जाता है। घर के अंदर आलमारी और दीवार पर उनके पंजों का निशान दिखाते हुए वह कहती हैं कि उनकी पूरी रात डर के साए में गुजर रही है।मोहल्ले की ऊषा देवी पर गहरा असर दिखाई दे रहा था। परिवार की सुरक्षा को लेकर वह बेहद चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि रात में अक्सर खिड़की के रास्ते जीवों का झुंड उनके घर के अंदर आ जाता है और किचन में रखा खाना व अन्य सामान खा जाता है।

खड्डा इंस्पेक्टर संजय सिंह, विचित्र जीव को लेकर उड़ रही अफवाहों से काफी परेशान हैं। कस्बे के लोगों से उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने बताया कि वन विभाग के लोगों ने उन जीवों को उतना खतरनाक नहीं बताया है। वन विभाग के अधिकारियों के हवाले से उन्होंने बताया कि बिज्जू नाम का जीव खुद ही बहुत डरपोक होता है और आमतौर से आदमी पर तब तक हमला नहीं करता।

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