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योगी सरकार देगी सांस्कृतिक पर्यटन को पंख


🗒 बुधवार, अप्रैल 20 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
योगी सरकार देगी सांस्कृतिक पर्यटन को पंख

लखनऊ । धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को प्राथमिकता पर रखने वाली उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब इसकी पताका गांव-गांव, शहर-शहर फहराना चाहती है। सौ दिन के प्रारंभिक लक्ष्यों के साथ ही अगले पांच वर्ष की कार्ययोजना को इस उद्देश्य से तैयार किया गया है कि पर्यटन की दृष्टि से पूरे प्रदेश में बदलाव होता नजर आए।24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस की शुरुआत करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तय किया है कि अब हर जिले का स्थापना दिवस या जिला महोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह महोत्सव हर गांव और शहर में होगा। ईको एंड रूरल टूरिज्म बोर्ड और प्रत्येक जिले में पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के गठन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं।पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य, सूचना और भाषा विभाग ने बुधवार को अपनी चरणवार कार्ययोजना एनेक्सी भवन में मंत्रि परिषद के सामने प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने सौ दिन, छह माह, एक वर्ष व पांच वर्ष के लिए चरणवार क्या-क्या तय किया है। एक-एक बिंदु की समीक्षा के साथ मुख्यमंत्री ने भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। इसे और बढ़ावा देने का प्रयास किया जाए। 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाता है। इसी तर्ज पर प्रत्येक जिले में स्थापना दिवस या जिला महोत्सव आयोजित किया जाए। प्रत्येक शहर व गांव में भी इसी प्रकार महोत्सव के कार्यक्रम हों।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से प्रदेश नेचर, कल्चर और एडवेंचर का संगम बन रहा है। ऐसे में यहां ईको एंड रूरल टूरिज्म बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए। इसी प्रकार सभी 75 जिलों में जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद का गठन किया जाए।सीएम योगी ने रामायण परंपरा की कल्चरल मैपिंग कराने का निर्देश दिया है। कहा है कि राम वनगमन पथ पर रामायण वीथिकाओं का निर्माण कराएं। साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में चिन्हित 12 सर्किटों- रामायण सर्किट, बुद्धिष्ट सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट, शक्तिपीठ सर्किट, कृष्ण-ब्रज सर्किट, बुंदेलखंड सर्किट, महाभारत सर्किट, सूफी-कबीर सर्किट, क्राफ्ट सर्किट, स्वतंत्रता संग्राम सर्किट, जैन सर्किट के काम जल्द पूरे कराएं जाएं। वहीं, अयोध्या में नियमित रामलीला का मंचन होना चाहिए।श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए आनलाइन एकीकृत मंदिर सूचना प्रणाली सौ दिन में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत मंदिरों का विवरण, इतिहास, रूट मैप आदि की जानकारी आनलाइन उपलब्ध हो सकेगी।भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान क्षेत्रीय भाषाओं के संवर्धन और सम्मान के लिए विभिन्न क्षेत्रीय अकादमियों का भी संकल्प लिया था। अब मुख्यमंत्री ने इसे सौ दिन में पूरा करने का निर्देश दिया है। कहा है कि बोलियों की समृद्धि व संरक्षण के लिए सूरदास ब्रजभाषा अकादमी, गोस्वामी तुलसीदास अवधी अकादमी, केशवदास बुंदेली अकादमी और संतकबीरदास भोजपुरी अकादमी की स्थापना की जाए।

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