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लाइटहाउस ITI और पालीटेक्निक होंगे स्थापित


🗒 रविवार, मई 08 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
लाइटहाउस ITI और पालीटेक्निक होंगे स्थापित

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में महत्वाकांक्षी पहल करते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार विशिष्ट विशेषताओं वाले लाइटहाउस 10 पालीटेक्निक और पांच आइटीआइ स्थापित करने जा रही है। साथ ही आधुनिक प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम का भी संचालन शुरू होगा। इन विषयों में सम्मिलित ड्रोन टेक्नोलाजी, साइबर सिक्युरिटी, डाटा साइंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट आफ थिंग्स व सौर ऊर्जा आदि से संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश शुरू किया जाएगा।सरकार प्रवक्ता के अनुसार व्यावसायिक और प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र में अगले छह माह में पांच लाइटहाउस आइटीआइ स्थापित होंगे, जिनमें कई विशेषताएं होंगी। 15 से 20 सरकारी आइटीआइ को भी लाइटहाउस आइटीआइ के रूप में विकसित किया जाएगा जो संबंधित ट्रेड के लिए अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत होंगे। इनमें विशिष्ट कौशल या मांग के अनुरूप किन्हीं भी एक या दो ट्रेड का उच्चीकरण होगा। इन ट्रेड का चयन विशेषज्ञों के साथ परामर्श के बाद किया जाएगा।लाइटहाउस आइटीआइ को स्वच्छ और ऊर्जा संरक्षित करने के लिए हरित कैंपस बनाया जाएगा, इनमें दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था होगी, उद्योगों की सहभागिता व शत प्रतिशत प्लेसमेंट दिलाने का प्रयास होगा। वहां ट्रेड, इंफ्रास्ट्रक्चर व प्रशिक्षण राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मापदंड के अनुरूप होगा। तीन माह में आठ नए राजकीय आइटीआइ पीपीपी माडल पर संचालित होंगे।इसी तरह 10 लाइटहाउस पालीटेक्निक परियोजना शुरू होगी। यह अखिल भारतीय प्राविधिक शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) के मानक के अनुरूप सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किए जाएंगे। यहां खेलकूद, जीवन कौशल, और व्यक्तित्व विकास के माड्यूल आउटसोर्स किए जाएंगे, नवीन प्रौद्योगिकी व उद्योग आधारित पाठ्यक्रम, चलाए जाएंगे और छात्राओं के लिए विशेष प्रबंध होगा।इनका कैंपस पूर्ण रूप से डिजिटल, क्लीन और ग्रीन होगा जिसमें सौर ऊर्जा का प्रयोग होगा। विशिष्ट पालीटेक्निक में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी से छात्र और शिक्षक एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जाएंगे और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों द्वारा शिक्षण और प्रशिक्षण दिया जाएगा।इन लाइटहाउस संस्थानों को स्वच्छ और ऊर्जा संरक्षित करने के लिए हरित कैंपस बनाया जाएगा, इनमें दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था होगी, उद्योगों की सहभागिता व शत प्रतिशत प्लेसमेंट दिलाया जाएगा और ट्रेड, इंफ्रास्ट्रक्चर व प्रशिक्षण राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मापदंड के अनुरूप होंगे।