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डीएस चौहान बने प्रभारी डीजीपी


🗒 गुरुवार, मई 12 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
डीएस चौहान बने प्रभारी डीजीपी

लखनऊ, । उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकुल गोयल को विभागीय कार्यों में रुचि न लेने के आरोप में पद से हटा दिया गया है। डीजीपी पद से हटाने के बाद उन्हें डीजी नागरिक सुरक्षा के पद पर भेजा गया है। शासन ने मुकुल गोयल को डीजीपी के पद से हटाए जाने के लगभग 20 घंटे बाद डीजी इंटेलीजेंस डा. देवेंद्र सिंह चौहान को डीजीपी के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया।अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि डीजीपी के पद पर स्थायी नियुक्ति होने तक डीजी देवेंद्र सिंह चौहान डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। 1988 बैच के आइपीएस अधिकारी देवेंद्र सिंह चौहान के पास डीजी विजिलेंस का भी अतिरिक्त प्रभार है।जीएस चौहान की पत्नी एस. राधा चौहान वरिष्ठ आइएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्त पर डीओपीटी में सचिव के पद तैनात हैं। इंटेलीजेंस व विजिलेंस जैसी पुलिस की दो प्रमुख शाखाओं की अगुवाई कर रहे चौहान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता है।वैसे तो विधानसभा चुनाव के बाद से ही पुलिस महकमे में बड़े बदलाव के संकेत मिलने लगे थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले मुकुल गोयल को डीजीपी के पद से हटाकर नागरिक सुरक्षा का डीजी बनाकर कड़ा संदेश दे दिया है। अब माना जा रहा है कि नए डीजीपी के नेतृत्व में नई टीम के गठन के लिए जल्द ही कई जिलों की कमान समेत जोन व रेंज स्तर पर बड़े बदलाव होंगे।मूल रूप से मैनपुरी के निवासी डा. देवेंद्र सिंह चौहान का जन्म 20 मार्च, 1963 को महाराष्ट्र के सतारा में हुआ था। उनके पिता शिवराम सिंह चौहान सतारा सैनिक स्कूल में शिक्षक थे। डा. चौहान ने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। 1988 बैच के आइपीएस हैं और वर्ष 2006 से वर्ष 2011 तथा वर्ष 2016 से वर्ष 2020 के बीच दो बार केंद्रीय प्रतिनिक्ति पर तैनात रहे हैं।बीते दिनों वह वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में आइजी के पद पर तैनात थे। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के विरुद्ध कई आपरेशन के अगुवा रहे चौहान को राज्य सरकार ने केंद्र से वापसी के बाद फरवरी, 2020 में डीजी इंटेलिजेंस के पद पर तैनाती दी थी। डा. चौहान आगरा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, सहारनपुर, रामपुर समेत कई बड़े जिलों के एसपी समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे हैं।बता दें कि बुधवार को यूपी सरकार ने शासकीय कार्यों की अवहेलना और अकर्मण्यता जैसे गंभीर आरोपों के साथ मुकुल गोयल को पुलिस महानिदेशक के पद से हटा दिया था। यह भी आरोप लगाया गया है कि मुकुल गोयल विभागीय कार्यों में रुचि नहीं ले रहे थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग के मुखिया पर इस तरह कार्रवाई का चाबुक चलाकर संकेत दे दिया है कि वह डीजीपी से किस हद तक नाराज चल रहे थे।एक जुलाई, 2021 को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक बनाए गए 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी मुकुल गोयल को पुलिस महकमे में नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक पद पर भेजा गया है। इससे पहले वह केंद्र में बीएसएफ में अपर पुलिस महानिदेशक ऑपरेशंस के पद पर तैनात थे। जिसके बाद उन्हें यूपी डीजीपी के पद पर नियुक्त किया गया था।