छात्रा की हत्या करने वाले अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार भेजा जेल

यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

छात्रा की हत्या करने वाले अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार भेजा जेल


🗒 गुरुवार, जून 09 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
छात्रा की हत्या करने वाले अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार भेजा जेल

राजेश कुमार मिश्रा

लखनऊ -  बीते छ: दिन पहले थाना क्षेत्र के कोराना गांव में हुए पारुल यादव हत्याकांड की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई। छात्रा के चाचा ने ही बहाने से खेत में बुलाकर उसके सिर पर डंडा मारकर उसको मौत के घाट उतार दिया था। उसके बाद घर जाकर परिजनों के साथ मिलकर छात्रा को ढूंढने का दिखावा करने लगा। जिससे उसके ऊपर कोई शक ना कर सके। पुलिस ने गुरुवार की सुबह गौरा मोड़ के पास अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद कर उसे जेल भेज दिया थाना क्षेत्र के कोराना गांव में गत 3 जून को हुए पारूल यादव (18वर्ष) हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने अभियुक्त राम सुमेर यादव उर्फ कल्लू पुत्र बिंदा प्रसाद निवासी कोराना थाना मोहनलालगंज जनपद लखनऊ को गिरफ्तार किया है। रामसुमेर रिश्ते में पारुल के पिता रणधीर यादव का चचेरा भाई है। जो प्रतिदिन पारुल के घर आता जाता रहता था और उसकी मां से काफी घुल मिलकर रहा करता था। मां से चाचा की बढ़ती नजदीकियां पारुल को खटकती थी जिसका वह विरोध किया करती थी। धीरे-धीरे छात्रा रामसुमेर की आंखों में खटकने लगी वह उसके रास्ते का रोड़ा बन गई थी रामसुमेर उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाने लगा। मौके की फिराक में बैठे रामसुमेर को मौका मिलते ही उसने डंडे से पीट कर उसकी हत्या कर दी। और घर जाकर परिजनों के साथ पारुल की खोजबीन करने लगा जिससे किसी को उस पर शक ना हो।बता दें इंटरमीडिएट की छात्रा पारुल यादव पुत्री रणधीर यादव बीते 6 दिन पहले 3 जून की शाम अपने घर से लापता हो गई थी। घरवालों द्वारा काफी खोजबीन के बाद दूसरे दिन सुबह गांव के बाहर अमर सिंह के खेत में उसका लहूलुहान शव मिला था जिसके संबंध में पिता द्वारा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।चाचा के रास्ते का रोड़ा बन गई थी पारुल।पारुल को चाचा का मां से हद से जादा घुल-मिलकर बात करना खटकता था।पिता की गैरमौजूदगी में राम सुमेर का अक्सर घर आना-जाना पारुल को बिल्कुल अच्छा नहीं लगता था। उसके घर आने का वह विरोध किया करती थी। उनके बीच हुई कहासुनी में राम सुमेर ने उसको देख लेने की धमकी भी दी थी पारुल की रोक टोक से चिढ़े बैठे रामसुमेर ने 3 जून की शाम पारुल को अकेली जाते देखकर उसका पीछा करने लगा और गांव के बाहर बांक नाले के पास उसे पकड़ लिया जब तक पारुल अपना बचाव करने के लिए चीखती उसने डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। जिससे मौके पर ही पारुल की मौत हो गई।

लखनऊ से अन्य समाचार व लेख

» अंतरराष्ट्रीय हाथ धुलाई दिवस (15 अक्टूबर) पर विशेष

» बाल रामलीला डांडिया नृत्य कर बच्चों ने सभी का मन मोहा

» पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से कच्ची शराब के साथ 4 लोग गिरफ्तार

» पुलिस ने एक वारंटी को किया गिरफ्तार भेजा जेल

» उत्तर प्रदेश पुलिस 2009-10 के कैंडिडेट जिनको सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार के कानो में नही रेंग रही जू

 

नवीन समाचार व लेख

» विकास भवन सभागार कार्यालय में नियमित टीकाकरण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

» हर माह की 15 तारीख को स्वास्थ्य इकाइयों पर मनाया जाएगा निक्षय दिवस

» महोबा - सीएससी प्रशिक्षण कार्यशाला हुई आयोजित

» महोबा में सी. एस. सी टेली ला वर्क शॉप का हुआ आयोजन

» रायबरेली में माननीय रेलमंत्री अश्विन वैष्णव जी का दौरा