यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

दो बच्‍चों संग महिला की आत्‍महत्‍या के मामले में सास समेत पांच पर मुकदमा


🗒 शनिवार, अगस्त 06 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
दो बच्‍चों संग महिला की आत्‍महत्‍या के मामले में सास समेत पांच पर मुकदमा

लखनऊ, । निशातगंज में फातिमा क्रासिंग के पास दो बेटों के साथ ट्रेन के आगे कूदकर 35 वर्षीय मधु गुप्ता ने शुक्रवार की सुबह जान दे दी थी। तीनों की आत्महत्या के मामले में मधु के पिता सत्यप्रकाश ने महानगर कोतवाली में उसके पति शशी भूषण, सास समेत पांच के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपित पति को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है।सत्यप्रकाश मूल रूप से गाजीपुर के रेवतीपुर के रहने वाले हैं। नौ साल पहले बेटी मधु का विवाह वाल्दा कालोनी स्थित एकता बिल्डिंग में रहने वाले शशी भूषण के साथ किया था। सत्यप्रकाश के मुताबिक, शादी के बाद से शशी भूषण, उसकी मां शकुंतला के अलावा शैलेंद्र, बेबी गुप्ता, वरुण गुप्ता व अन्य लोग मिलकर बहन के साथ आए दिन मारपीट कर प्रताड़ित करते थे। उक्त लोगों की प्रताड़ना से बेटी इतना परेशान हो गई कि उसने अपने ढाई साल के बेटे अमीश और आठ साल के बेटे अनय के साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।पति और ससुरालीजन दहेज की भी मांग करते थे। बेटी की खुशी के लिए उनकी कई छोटी-मोटी मांगे समय समय पर पूरी भी की गईं। डेढ़ साल पहले भी उक्त लोगों ने मारपीट कर बेटी को घर से भगा दिया था। करीब  आठ महीने तक बहन मायके में रही थी। इसके बाद फिर समझौता हुआ तो बेटी अपने बच्चों के साथ आकर फिर ससुराल में रहने लगी। कुछ दिन तक ठीक चला उसके बाद फिर पति व सास प्रताड़ित करने लगे।शुक्रवार की सुबह मधु अपने बड़े बेटे अनय को महानगर स्थित सीएमएस स्कूल छोड़ने के बहाने घर से लेकर निकली थी। छोटे बेटे अमीश को गोद में लिया। इसके बाद वह फातिमा क्रासिंग के पास पहुंची और वहां जैसे ही ट्रेन आते देखा तो दोनों बच्चों के साथ कूद गई। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने अनय की स्कूली ड्रेस से शिनाख्त की थी।शनिवार की दोपहर तीनों का अंतिम संस्कार बैकुंठ धाम में हुआ। परिवारजन और मायकेवालों की मौजूदगी में मधु का दाह संस्कार हुआ। वहीं, दोनों बच्चों के शवों को दफनाया गया। अंतिम संस्कार के दौरान वहां पर मौजूद हर एक व्यक्ति की आंखे नम थी।