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उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी सफलता मिली हिजबुल मुजाहिदीन की थी गणेश चतुर्थी पर कानपुर में धमाका करने की साजिश


🗒 गुरुवार, सितंबर 13 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकी धमकी के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस को आज एक बड़ी सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश पुलिस के एटीएस (एंटी टेररिजम स्क्वॉड) ने आज आतंकी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस आतंकी को कानपुर से पकड़ा गया है।

उत्तर प्रदेश पुलिस को  बड़ी सफलता मिली हिजबुल मुजाहिदीन की थी गणेश चतुर्थी पर कानपुर में धमाका करने की साजिश

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि आज बहुत ही बड़ी सफलता मिली है। कानपुर में सुबह 5 बजे चकेरी थाना क्षेत्र से कानपुर टीम के सहयोग से हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी पकड़ा गया है। एटीएस ने कानपुर पुलिस के सहयोग से गुरुवार की सुबह 5 बजे चकेरी से हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी गिरफ्तार किया है। पिछले 10 दिन से एटीएस उसे ट्रैक कर रही थी। इस ऑपरेशन में एनआईए का सहयोग भी मिला। इस आतंकी ने सोशल मीडिया पर अपना हथियार के साथ फोटो अपलोड किया था। ये शिक्षित आतंकी है और उसने गणेश चतुर्थी पर धमाका करने की साजिश रची थी। उसके पास  कानपुर के कुछ मंदिरों की डिटेल मिली है। इससे साफ है कि कानपुर के एक मंदिर को निशाना बनाना था। किश्तवाड़ के जंगलों में ओसामा नाम के युवक ने उसे ट्रेनिंग दी थी। वह 2008 से 2011 तक विदेश में रहा है। वह कश्मीर से कब यहां आया, इसकी तहकीकात की जा रही है। यूपी में कौन इसके टारगेट पर थे, कानपुर कहां कहां गया और रहा, इसकी जानकारी की जा रही है। आतंकी के मोबाइल से जानकारी जुटाई जा रही है। रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। उसने स्वीकार किया है कि वह हिजबुल का सदस्य। सोशल मीडिया में इसकी एके 47 के साथ फ़ोटो मिली है।उनके साथ प्रेस कांफ्रेंस में एडीजी लॉ एंड आर्डर आनंद कुमार तथा आइजी एटीएस असीम अरुण भी थे। हिज्ब-उल-मुजाहिदीन से जुड़ा आतंकी बेहद खतरनाक बताया जा रहा है। यूपी एटीएस की टीम ने कानपुर से कमरुज्जमा को गिरफ्तार किया है।कमरुज्जमा को कानपुर के चकेरी से पकड़ा गया है।

जम्मू-कश्मीर में आतंक का दूसरा नाम हिजबुल मुजाहिद्दीन को हिज्ब-उल-मुजाहिद्दीन या एचएम के नाम से भी जाना जाता है, जिसका गठन 1990 के आसपास हुआ था। इसका गठन मास्टर एहसान डार ने किया था। हिजबुल मुजाहिद्दीन जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े और पुराने आतंकी संगठनों में से एक है। इसका मुखिया सैयद सलाहुद्दीन के नाम से जाना जाता है। इस आतंकी संगठन का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में भय का वातावरण बनाकर कश्मीर को भारत से अलग करके पाकिस्तान में उसका विलय करना है। कश्मीर में आतंकियों और अलगाववादियों को हुई विदेशी फंडिंग की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने हिजबुल मुजाहिद्दीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन के दूसरे बेटे सैयद शकील अहमद को श्रीनगर के रामबाग इलाके में उसके घर से गिरफ्तार किया।शकील अहमद सलाहुद्दीन का दूसरा बेटा है, जिसे इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। हिजबुल मुजाहिद्दीन 1990 में अस्तित्व में आया, जो पाकिस्‍तान की मदद से बना था। इसके गठन के लिए एहसान डार 1988 में सीमा पार करके पाकिस्तान गया था। वर्ष बाद वहां से खूनी इरादे लिए पाकिस्तान के निर्देश पर उसने कश्मीर में प्रवेश किया। यहां उसकी योजना एक ऐसा आतंकवादी संगठन तैयार करने की थी, जिसके सदस्य कश्मीर को भारत से अलग कराने के लिए घाटी में आतंक फैलाएं। इस संगठन की स्थापना के लिए डार को मोहम्मद अब्दुल्ला नामक आतंकवादी का विशेष सहयोग मिला और डार हिजबुल मुजाहिद्दीन का प्रमुख तथा अब्दुल्ला सैनिक सलाहकार बना।

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