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नगराम थाने का किसानों ने किया घेराव


🗒 सोमवार, मई 27 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
एक ओर केंद्र सरकार व राज्य सरकार किसानों के लिए बड़ी बड़ी बातें कर रही है और सभी प्रशासनिक अमले को किसानों को हर सम्भव सहायता देने के निर्देश जारी कर रही है वही एक बार मित्र कही जाने वाली पुलिस का अमानवीय चेहरा फिर सामने आया और ग्रामीणों व शिकायत कर्ताओं के साथ पुलिस कैसा ब्यवहार करती है ये बात तो कोई नगराम पुलिस से सीखे भारतीय किसान यूनियन भानुगुट के तहसील उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण शुकलवा समेसी को थाने में शिकायत करना महंगा पड़ गया उन्होंने बताया कि जिनके विरुद्ध उन्होंने शिकायत की थी उसका पुलिस ने कुछ नही किया  बल्कि नगराम थाने में तैनात अरविंद सिंह ने शिक़ायतकर्त्ता  किसान नेता को ही आधी रात को उसके घर से उठा लाये और उसकी जमकर धुनाई भी कर दी इतना ही नही बाद में दूसरे दिन पुलिस ने 151 की धारा में मुकदमा दर्ज कर शिकायतकर्ता को ही जेल भेज दिया जब इस बात की जानकारी भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के किसान नेताओ को हुई तो नगराम पुलिस की इस कारस्तानी का विरोध किया और प्रशानिक अधिकारियों को लिखित सूचना देकर पीड़ित किसान नेता के साथ किये गए पुलिस के इस अमानवीय ब्यवहार से झुब्ध होकर थाना नगराम में सैकड़ो की संख्या में भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के सैकड़ो की संख्या में धरने पर बैठ गए और पुलिस द्वारा किये गए  अमानवीय कृत्य व मनमानी और अवैध वसूली के विरुद्ध शिकायतकर्ता को ही पुलिस प्रताड़ना के विरोध में सम्बंधित पुलिस अधिकारी के विरुद्ध न्यायोचित कार्यवाही करने की मांग पर अड़ गए है वही इस विषय मे जब भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष हरिश्चन्द वर्मा से बात की गई तो उन्होंने नगराम पुलिस पर वसूली व पीड़ित को ही प्रताड़ित करने का विरोध जताते हुए सम्बंधित पुलिस कर्मी के विरुद्ध किसान की निर्मम पिटाई व अवैध वसूली और बेगुनाह को जेल भेजने के मामले में दोषी ठहराया और उस पुलिसकर्मी के विरुद्ध किसानों को प्रताड़ित करने व उनसे अवैध वसूली और लाकअप में बंद कर पिटाई करने के विरुद्ध में मुकदमा पंजीकृत करने की मांग को भारतीय किसान यूनियन भानु गुट की किसानों की मांग बताते हुए कार्यवाही की मांग की है और कहा कि जब तक पीड़ित किसान नेता को न्याय नही मिलेगा किसान धरने पर बैठे रहेंगे  यदि जरूरत पड़ी तो  हजारो की तादात में किसान नगराम थाने का घेराव करने पहुंच जायेगे  इस न्याय की लड़ाई में किसानों को न्याय चाहिए और किसान अपने हक और न्याय की लड़ाई लड़ते रहेंगे और पुलिस प्रशासन द्वारा किये जा रहे अमानवीय कृत्यों को कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा  क्या इस सरकार में निर्दोष किसानों व शिकायत कर्ताओं पर ही पुलिस महकमा लाकअप में डाल कर उनको डंडो से पीटेगा वही किसान यूनियन भानु गुट के जिलाध्यक्ष धर्मेद्र वर्मा ने कहा कि अब किसानों की लड़ाई पुलिस प्रशासन से न्याय के लिए आर पार की लड़ाई लड़ेगी और किसानों पर पुलिस द्वारा किये जा रहे अत्याचारों को कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा इस हक की व न्याय की लड़ाई में जरूरत पड़ी तो देश के कोने कोने किसान अपने हको की लड़ाई व निर्दोषो की मदद के लिए आएंगे  और पुलिस प्रशासन की मनमानी व अमानवीय कृत्यों को कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा वही दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के किसानों के धरना प्रदर्शन उग्र होता देख नगराम थानाध्यक्ष रमेश चंद्र ने पीड़ित किसान लक्ष्मी नारायण द्वारा दी गयी उपनिरीक्षक अरविंद कुमार के विरुद्ध लिखित तहरीर लेकर क्षेत्राधिकारी कार्यालय मोहन लाल गंज बुलाया है क्योकि तहरीर में श्रवण नाम के एक अन्य युवक की पिटाई की बात सामने आई है जो कि अनुसूचित जाति से है और कल वही इसकी जांच होगी और आगे की कार्यवाही किये जाने का आश्वाशन किसानों को दिया है तब जाकर किसानों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया
 
राजेश मिश्रा मोहनलालगंज

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