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सुरेश यादव चकबंदी लेखपाल भर्ती घोटाले मे गिरफ्तार


🗒 रविवार, जून 02 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

सपा सरकार में चकबंदी लेखपालों की भर्ती में हुई गड़बड़ी मामले के आरोपित सुरेश सिंह यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित ने पुलिस की लापरवाही से भर्ती घोटाले मामले में दर्ज एफआइआर पर अरेस्ट स्टे ले लिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फटकार के बाद पुलिस हरकत में आई। शुक्रवार देर रात में सुरेश के खिलाफ रंगदारी, धमकी और गाली गलौज की एक अन्य एफआइआर दर्ज की और शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।दरअसल, शासन के आदेश पर उच्चस्तरीय जांच में विभागीय अफसरों के साथ ही आयोग को भी भर्तियों में अनियमितता का दोषी पाया गया था। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। सूत्रों का कहना है कि एफआइआर दर्ज कर पुलिस पुलिस शांत बैठ गई थी। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है। सीएम की नाराजगी के बाद पुलिस की टीमें दिल्ली, बुलंदशहर और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में दबिश दे रही थीं। पांच दिन बाद पुलिस ने आरोपित को पकड़ने में सफलता हासिल की।कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) डॉ. प्रभात कुमार की उच्चस्तरीय जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था।

सुरेश यादव चकबंदी लेखपाल भर्ती घोटाले मे गिरफ्तार

प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी मिलने पर सरकार ने चकबंदी आयुक्त शारदा सिंह और तत्कालीन अपर संचालक चकबंदी (प्रा.) सुरेश सिंह यादव को निलंबित कर दिया था। इस गंभीर मामले में शासन ने सोमवार को रिपोर्ट तलब की तो पता चला कि अभी तक कोई आरोपित गिरफ्तार नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद सोमवार देर रात करीब दो बजे एसएसपी और आइजी हजरतगंज कोतवाली पहुंचे थे। काफी देर तक पुलिस अधिकारियों ने बैठक कर कार्य योजना बनाई।एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि विवेचक सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्र ने चकबंदी विभाग से मामले से जुड़े प्रपत्र मांगे थे। हालांकि, विभाग की ओर से दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इस बीच चुनाव आ गया और आरोपित ने अरेस्ट स्टे ले लिया था। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है।सीएम की ओर से मामले की मॉनीटरिंग होती देख पुलिस ने गोरखपुर के कैंपियरगंज स्थित धरमपुर गांव निवासी योगेंद्र की तहरीर पर सुरेश सिंह यादव के खिलाफ शुक्रवार देर रात एक एफआइआर दर्ज की। एएसपी पूर्वी सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक योगेंद्र का आरोप है कि चकबंदी विभाग की एक पत्रवली का निस्तारण करने के लिए सुरेश ने उनसे रुपयों की मांग की थी। रुपये नहीं देने पर गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दी थी। इसी मामले में आरोपित को पकड़ा गया है।

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