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कैबिनेट की बैठक में आठ प्रस्तावों पर मुहर नई गाड़ी पर लगा सकेंगे पुराने वाहन का नंबर


🗒 मंगलवार, जून 04 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम आने के बाद आज योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की जनता को बड़ा तोहफा दिया है। योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल ने आज आठ प्रस्तावों पर मुहर लगाई, जिसमें वाहन नंबर की पोर्टिबिलिटी भी शामिल है। इसके साथ ही अब यातायात नियम तोडऩे पर चालान का दंड भी दोगुना कर दिया गया है। लोक भवन में सम्पन्न कैबिनेट बैठक में प्रदेश के अन्य महानगरों में भी मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को गति दी जाएगी। इसके लिए यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन के नाम से एसपीवी को मंजूरी दी गई।योगी आदित्यनाथ सरकार ने वाहन मालिकों को नंबर पोर्टिबिलिटी की सौगात दी है। आप नई गाड़ी पर अपनी पुरानी गाड़ी का मनचाहा नंबर लगा सकेंगे। इसमें कुछ शर्तों का पालन भी करना होगा। आपको पुरानी गाड़ी सरेंडर करनी होगी। उसे आप चला नहीं सकते। नंबर पोर्टेबिलिटी की सुविधा तभी मिलेगी जब नई और पुरानी गाड़ी का मालिक एक ही हो। इसके लिए आपको फीस भी देनी होगी। इसके साथ ही वाहन मालिक को नम्बर पोर्टेबलिटी की सुविधा होगी। इसके लिये मोटर नियमावली की धारा 51 की धारा में बदलाव होगा। वीवीआइपी या इंटरेस्टिंग नम्बर की फीस में काफी बदलाव किया गया है। यह फीस टू व्हीलर और 4 व्हीलर के लिए अलग होगी। इसमें पोर व्हीलर में 1 लाख, 50 हजार, 25 हजार और 15 हजार की चार श्रेणी होगी। टू व्हीलर के लिये 20 हजार, 10 हजार, पांच हजार और 03 हजार शुल्क होगा। 

कैबिनेट की बैठक में आठ प्रस्तावों पर मुहर नई गाड़ी पर लगा सकेंगे पुराने वाहन का नंबर

इस संबंध में शीघ्र दिशानिर्देश जारी होंगे। मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 200 के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही कैबिनेट ने मोटरयान अधनिनयम 200 की धारा में संशोधन किया है। बिना नम्बर प्लेट की गाड़ी का पहले 300 और अब 500 रुपया चालान होगा।  लाइसेंस न देने पर पहले 500 अब 1000, मोबाइल पर बात करने पर  500 की जगह पर 1000, हेलमेट न लगाने पर 500 की जगह 1000 रुपये जुर्माना लगेगा।इसके अलावा सूबे के विभिन्न महानगरों में मेट्रो रेल परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के नाम से एकल विशेष प्रयोजन साधन गठित करने के संबंध में प्रस्ताव पास हुआ। ओबीसी वर्ग की बेटियों की शादी के संबंध में शादी अनुदान योजना की समय सीमा 2019 से बढ़ाकर 30 जून 2019 तक करने का फैसला हुआ। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2018-19 में राज्य संपत्ति विभाग में विभिन्न परियोजनाओं के लिए एक मुश्त बजट व्यवस्था की स्थिति से मंत्री परिषद को अवगत कराए जाने का प्रस्ताव पास हुआ।विभिन्न महानगरों में मेट्रो रेल/ मास आधारित रेपिड रेल के लिये यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन के नाम से एसपीवी को मंजूरी। इसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा मेट्रो शामिल नहीं है। सरकार ने व्यवसायिक शिक्षा के तहत 45.68 करोड़ की स्वीकृति को मंजूरी दी है। राज्य सम्पति विभाग को 35.19 करोड़ की वितीय स्वीकृति प्रदान की। सरकार 30 जून तक ओबीसी समाज के बेटियों के विवाह के लिये अनुदान के आवदेन 30  जून तक स्वीकारेगी। पहले यह आवेदन 31 मई तक लिया जाता था। अमृत योजना में मीरजापुर में 39 हजार घरों को सीवर लाइन कनेक्शन दिए जाएंगे। 26476.88 लाख खर्च होगा। इसके साथ ही कैबिनेट ने गन्ना नियमावली में बदलाव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

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