यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

अब से SGPGI बना सुपर स्पेशलियटी रोबोटिक सर्जरी करने वाला देश का पहला संस्थान


🗒 शनिवार, जून 08 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

एसजीपीजीआइ ने रोबोटिक सर्जरी की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। ऐसे में शल्य क्रिया की विश्व की आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल करने वाला प्रदेश का प्रथम संस्थान बन गया है। वहीं सिर्फ सुपर स्पेशलियटी सर्जरी करने वाला देश का पहला इंस्टीट्यूट बना। एसजीपीजीआइ में गत दस वर्षों से रोबोटिक सर्जरी के लिए प्रयास किया जा रहा था। वहीं शनिवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने रोबोटिक सर्जरी व लीनियर एक्सीलरेटर मशीन का मरीजों को तोहफा दिया।सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी का शुल्क डेढ़ लाख रुपये प्रति मरीज तय किया गया है। वहीं शुरुआत के 250 ऑपरेशन रोबोट द्वारा फ्री किए जाएंगे। इस दौरान मरीज को सिर्फ हॉस्पिटल का खर्च ही देना होगा। इसके तहत अभी तक आठ ऑपरेशन किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में 60 रोबोटिक सर्जरी सेंटर है। इनमें जनरल ऑपरेशन भी रोबोट द्वारा होते हैं। वहीं सुपरस्पेशलियटी ऑपरेशन करने वाला लखनऊ एसजीपीजीआइ पहला है। इसके अलावा लीनियर एक्सीलरेटर से कैंसर मरीजों की रेडियोथेरेपी की वेटिंग घटेगी।

अब से SGPGI बना सुपर स्पेशलियटी रोबोटिक सर्जरी करने वाला देश का पहला संस्थान

चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि पीजीआइ में बेडों के संकट से सरकार अवगत है। लोगों को भर्ती के लिए मंत्री तक सिफारिश करनी पड़ती है। यह समस्या जल्द दूर होगी। वहीं राज्य के अन्य चिकित्सा संस्थानों में भी रोबोटिक सर्जरी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए बैंक से लोन लेकर संस्थान रोबोट खरीदेंगे। इसकी गारंटी सरकार लेगी। वहीं धन की अदायगी भी सरकार ही करेगी। गौरतलब है कि केजीएमयू व लोहिया संस्थान भी रोबोटिक सर्जरी के लिए प्रयासरत है। यह संस्थानों प्रस्ताव भी भेज चुके चुके हैं।  निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने कहा कि शासन को पीजीआइ का रोड मैप सौंप दिया गया है। इसमें अधूरे प्रोजेक्ट अक्टूबर तक पूरे होने का लक्ष्य है। खासकर 210 बेड की इमरजेंसी मेडिसिन व रीनल ट्रांसप्लांट सेंटर बनकर तैयार हो जाएगा। ऐसे में किडनी ट्रांसप्लांट रफ्तार पकड़ेगा। अभी ट्रांसप्लांट की एक वर्ष की वेटिंग चल रही है। ऐसे में सप्ताह में दो होने वाले ट्रांसप्लांट भविष्य में 10 हो सकेंगे।रेडियोथेरेपी में अभी दो लीनियर एक्सीलरेटर मशीन थीं। इसमें एक खराब हो गई थी। लिहाजा मरीजों की दो महीनों की वेटिंग चल रही थी। अब 19 करोड़ की आधुनिक मशीन और लग गई है। ऐसे में कैंसर मरीजों को राहत मिलेगी।पीजीआइ में प्रथम चरण में चार विभागों के डॉक्टरों को रोबोटिक मशीन का प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें सीवीटीएस विभाग भी शामिल हैं। ऐसे में अब हार्ट का ऑपरेशन भी आसान हो गया है। वहीं 18 वर्षीय युवती की राज्य में पहली रोबोटिक सर्जरी हुई।पीजीआइ में सीएमएस डॉ.अमित अग्रवाल के मुताबिक इंडोक्राइन, गैस्ट्रो, यूरोलॉजी, सीवीटीएस विभाग के आठ डॉक्टरों का प्रशिक्षण हो गया है। ऐसे में सीवीटीएस विभाग के कार्डियक सर्जन अब वॉल्व रिप्लेसमेंट, जन्मजात दिल में छेद की बीमारी एसएसडी, वीएसडी के लिए मरीजों की छाती की हड्डी (स्टरनम) काटे बगैर ही ऑपरेशन कर सकेंगे। इसमें सिर्फ वह तीन सुराख कर ही रोबोटिक मशीन से हार्ट तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा ऑर्गन ट्रांसप्लांट में डोनर की किडनी भी बिना चीरा लगाए रिमूव की जा सकती है। वहीं संस्थान में शाहजहांपुर निवासी 18 वर्षीय युवती की पहली रोबोटिक सर्जरी की गई। इसमें उसके बगल से थॉयरॉयड ग्लैंड निकाली गई। इससे उसके गले में निशान भी नहीं पड़ा। डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि  30 करोड़ की लागत का यही रोबोट अमेरिका में भी हैं।  इसपर आठ डॉक्टरों को  प्रशिक्षण दिया गया है। यह इंडोक्राइन, कार्डियक, यूरोलॉजी, गाइनी, गैस्ट्रो विभाग हैं। यह चिकित्सक एड्रीनल सर्जरी, थॉयमस ग्लैंड सर्जरी, हार्ट का वॉल्व रिप्लेसमेंट, एएसडी, वीएसडी, लंग सर्जरी, रीनल नेफे्रक्टॉमी, रेक्टल व बड़ी आंत के कैंसर समेत पेट के अन्य ऑपरेशन करेंगे। दूसरे चरण में अन्य विभागों को शामिल किया जाएगा।मरीज में सटीक ऑपरेशन, गलती की गुंजाइश नगण्य, रक्त वाहिका कटने का झंझट खत्म, रक्त स्राव में कमी, बड़े चीरा का झंझट खत्म, अस्पताल में स्टे कम, संक्रमण की गुंजाइश कम, चीरा के निशान नहीं बनेंगे। एसजीपीजीआइ के रेजीडेंट अभी विदेश में जाकर रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण हासिल करते हैं। इसके लिए उन्हें साढ़े तीन से साढ़े छह हजार डॉलर शुल्क देना पड़ेगा। मगर, अब वह संस्थान में ही मुफ्त में ट्रेनिंग प्राप्त कर सकेंगे। ऐसे में देश में रोबोटिक सर्जन बढ़ेंगे।

लखनऊ से अन्य समाचार व लेख

» राजधानी में दबंगों ने छात्रों को पीट-पीटकर फोड़ा सिर, सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने पर दर्ज हुई रिपोर्ट

» राजधानी मे फर्जी दस्तावेज से ग्रामीण इलाकों में बेचते थे चोरी की बाइक, पुल‍िस ने दबोचा

» BSP प्रमुख मायावती ने कहा जनता के हित में मजबूत नहीं मजबूर सरकार चाहिए

» ग्रामीणों की शिकायत पर जांच करने पहुंचे - उपयुक्त श्रम रोजगार अधिकारी

» जर्जर नहर पुलिया हुई छतिग्रस्त ग्रामीणों को दुर्घटना की आशंका

 

नवीन समाचार व लेख

» BPL कार्ड में होने जा रहा है बड़ा बदलाव, केंद्रीय मानवाधिकार आयोग ने दि‍या न‍िर्देश

» अब RBI को निभानी होगी बड़ी भूमिका, 8 को होगी वित्त मंत्री की आरबीआइ पूर्ण बोर्ड के साथ बैठक

» कानपुर आए उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य बोले, देश में धारा 370 हटाने का समय आ गया

» नगर निगम की टीम ने हाथरस रोड पर गरजा महाबली, दनादन किए अवैध निर्माण ढेर

» मुजफ्फरनगर के भोपा में रजवाहे में नहा रही युवतियों से छेड़छाड़,मारपीट के बाद साम्प्रदायिक तनाव