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लखनऊ के लोहिया अस्पताल में एक दिन में दो मासूमों की मौत, हंगामा


🗒 सोमवार, जुलाई 01 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

राजधानी के लोहिया अस्‍पताल में सोमवार सुबह दो बच्‍चों की मौत पर जमकर हंगामा हुआ। परिवारीजनों ने अस्‍पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका आरोप था कि इलाज में कोताही बरती गई जिसकी वजह से बच्‍चों की मौत हुई। अस्पताल में काफी देर तक बवाल हुआ जिसके बाद कर्मचारियों ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।मामला गोमतीनगर स्थित लोहिया अस्पताल का है। इंदिरा नगर तकरोही निवासी सैफुद्दीन की 3 वर्षीय बच्ची अलीशा और चिनहट के मल्हौर निवासी संजय के 5 साल के बेटे आनंद की सोमवार सुबह मौत हो गई। दोनों बच्‍चों का इलाज अस्‍पताल के बालरोग विभाग में चल रहा था। बच्चों के परिवारीजनों ने बताया कि उन्‍हें तेज बुखार था। वहीं रात भर उन्‍हें देखने कोई डॉक्‍टर नहीं आया जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। वहीं अलीशा के पिता ने अस्‍पताल प्रशासन से मामले की लिखित शिकायत भी की है।सैफुद़्दीन अपनी0 तीन साल की बच्‍ची अलीशा रविवार रात एक बजे करीब इमरजेंसी में लेकर आए थे। जहां से उसे बालरोग विभाग भेज दिया था। पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बच्‍ची की हालत काफी खराब थी। रात में उसकी जांच भी की गई थी, लेकिन डॉक्‍टरों ने उसका कोई इलाज शुरू नहीं किया। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। बच्‍ची के मरने से पूरे परिवार में मातम छा गया।आनंद के पिता संजय राजपूत ने आरोप लगाया कि आनंद की हालत रात तीन बजे से गंभीर हो गई थी। वो रात भर के इलाज के लिए इधर से उधर दौड़ते रहे लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। बच्‍चे की बिगड़ती हालत देखकर सिस्‍टर के आगे डॉक्‍टर को बुलाने के लिए गिड़गिड़ाए, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा। सिस्‍टर ने जवाब दिया कि जब डॉक्‍टर सुबह राउंड पर आएंगे तब उसे देखा जाएगा। वहीं इमरजेंसी में बैठे डॉक्‍टर को भी बुलाया नहीं गया। इसी बीच डॉक्‍टर के आने से पहले ही सुबह सात बजे मासूम आनंद ने दम तोड़ दिया।दोनों मासूम बच्‍चों की मौत से बालरोग विभाग में मातम छा गया। इसी बीच परिवारीजनों ने जमकर हंगामा मचाया। उनका आरोप था कि अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद भी बच्‍चों को देखा नहीं गया। जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। बच्‍चे सैफुद्दीन ने अस्पताल के निदेशक को मामले की लिखित शिकायत की। वहीं संजय बच्चे का शव लेकर चला गया। अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि इलाज में लापरवाही नहीं की गई है। आनंद को इंफेक्शन था उसे केजीएमयू रेफर किया गया था, लेकिन परिवारीजन ले जाने को तैयार नहीं थे। वहीं अलीशा रात में एक बजे करीब भर्ती हुई थी। उसकी प्रारंभिक जांचें हुई थी। जिसमें उसे इंफेक्शन निकला, लेकिन आगे जांच होने से पहले ही बच्ची की मौत हो गई। 

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