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कल्याण सिंह पर दर्ज अयोध्या स्थित विवादित ढांचा गिराए जाने के आपराधिक मामले में नया मोड़


🗒 सोमवार, सितंबर 09 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

राजस्थान के पूर्व राज्यपाल व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह पर दर्ज अयोध्या स्थित विवादित ढांचा गिराए जाने के आपराधिक मामले में नया मोड़ आया है। इससे भाजपा की सदस्यता लेते ही कल्याण सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विवादित ढांचा गिराए जाने के मुकदमे के विचारण में तलब करने के लिए सीबीआइ की ओर से दाखिल अर्जी पर विशेष न्यायाधीश अयोध्या प्रकरण सुरेंद्र कुमार यादव की अदालत ने सीबीआइ से रिपोर्ट तलब की है। न्यायाधीश ने सीबीआइ को आदेश दिया है कि वह रिपोर्ट प्रस्तुत कर बताए कि कल्याण सिंह अब राज्यपाल के पद पर हैं या नहीं हैं। मामले की सुनवाई 11 सितंबर को होगी।विशेष अदालत के समक्ष सीबीआइ की ओर से विशेष अधिवक्ता ललित कुमार सिंह एवं आरके यादव ने अर्जी प्रस्तुत की थी। अर्जी में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को रद करते हुए 19 अप्रैल, 2017 को अपने आदेश के तहत 13 लोगों के विरुद्ध मामला चलाने का आदेश दिया था। अदालत ने आदेश में स्पष्ट कहा था कि कल्याण सिंह राजस्थान के राज्यपाल हैं। संवैधानिक पद पर रहते हुए संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।इस पर सीबीआइ की ओर से कहा गया कि कल्याण सिंह ने चार सितंबर, 2014 को राजस्थान के राज्यपाल पद की शपथ ली थी। इस प्रकार उनका कार्यकाल तीन सितंबर 2019 को समाप्त हो चुका है। लिहाजा, उनके संवैधानिक पद पर न होने के कारण उन्हें बतौर अभियुक्त अदालत में तलब किया जाए। लिहाजा, अदालत ने सीबीआइ की ओर से उठाए गए तर्कों एवं सर्वोच्च न्यायालय के प्रश्नगत आदेश का अवलोकन किया। इंटरनेट पर कल्याण सिंह का कार्यकाल चार सितंबर 2014 से लेकर आठ सितंबर 2019 तक दिखाया है। इस पर अदालत ने सीबीआइ को निर्देश दिया है कि वह अदालत को अवगत कराए कि कल्याण सिंह मौजूदा समय में राजस्थान के गवर्नर पद पर हैं अथवा नहीं? 1992 में जब अयोध्या के विवादित ढांचा गिराया गया तब कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में 19 अप्रैल, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्यगोपाल दास और उमा भारती के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोपों में मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। इससे पहले 3 सितंबर, 2014 को राजस्थान का राज्यपाल बनाया गया था। राज्यपाल होने की वजह से कल्याण सिंह मुकदमे का सामना करने से बच गए थे। इस मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती ,साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्यगोपाल दास जमानत पर चल रहे हैं।

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