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लखनऊ में अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों की बदल गई जिंदगी, अप्रवासी युवती की हुई जांच


🗒 शनिवार, मार्च 21 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

 विदेश से आई युवती की जानकारी मिलने के बाद माल एवेन्यू स्थित एंपायर एस्टेट अपार्टमेंट में लोगों के बीच डर का माहौल है। लोगों को इस युवती की जानकारी तब हुई जब पिछले चार दिनों में आगंतुकों के बारे में जानकारी लेने के लिए गेट का रजिस्टर देखा गया। उसमें युवती के बारे में जानकारी लिखी थी कि वह अमेरिका सेे आई थी। रेेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने इस बात की जानकारी एहतियात के तौर पर मुख्य चिकित्साधिकारी को दी है।यहां रहने वाले समीर मिश्र ने बताया कि जब हम लोग आगंतुकों का रजिस्टर देख रहे थे तब पता चला कि एक आवंटी के घर में उसकी बेटी चार दिन पहले अमेरिका से आई है। इस बात की पुष्टि कर ली गई। समीर ने बताया कि इस बात की जानकारी सीएमओे को दी गई है। युवती की मां ने बताया कि उनकी बेटी सेल्फ क्वारांटाइन में है। चिंता की कोई बात नहीं है सभी एहतियाती कदम उन्होंने उठाए हैं।कोरोना वायरस ने वैसे राजधानी के एक एक वाशिंदे की जिंदगी पर असर डाला है मगर खासतौर पर अपार्टमेंट के लोगों की जिदंगी सबसे अधिक प्रभावित हुई है। राजधानी में छोटे बड़े मिला कर करीब एक हजार अपार्टमेंट हैं। जिनमें करीब चार लाख लोग रहे हैं। इन अपार्टमेंट में जिदंगी की डोर इन दिनों गार्ड रूम में टिक गई है। अखबार से लेकर दूध और कोरियर से सारे बाहरी लोग इन गार्ड रूम पर सामान छोड़ रहे हैं। बच्चे कपाउंड में खेल नहीं रहे हैं, महिलाएं भी केवल बालकनी से ही बाहर का नजारा ले पा रही हैं।कोरोेना के दुष्प्रभाव से बचाव को लेकर राजधानी के अपार्टमेंट में जिंदगी एक अलग ही राह पर है। अगर कोई व्यक्ति अपने घर में रहता है तो उसके पास एक छत भी होती है। मगर फ्लैटों में ऐसा नहीं होता है। चार दीवारों के बीच जिंदगी पिछले चार दिन से अधिकांश लोगों की हो चुकी है। लोग बालकनी से अधिक कहीं नहीं जा सकते हैं। यहां तक की सोसाइटी के कपाउंड में बच्चों का शोर सुने लोगों को अरसा बीत गया। कल्पतरु अपार्टमेंट के रामकुमार यादव ने बताया कि हमारी जिंदगी ही बदल गई है। एक दूसरे से बाॅलकनी जरिये ही संपर्क हो रहा है। बच्चों का बुरा हाल है, वे टीवी तक से भी बोर हो चुके हैं। काफी छोटे बच्चे बाहर निकलने की जिद करते हैं तब उनको समझाया जाता है कि ये ठीक नहीं है। पाश्र्वनाथ प्लानेट अपार्टमेंट में करीब 500 फ्लैट हैं। यहां के आलोक सिंह बताते हैं कि कड़े नियमों का पालन हम लोग कर रहे हैं, इस वजह सेे कुछ दिक्कतें भी हो रही हैं। कोई भी बाहरी व्यक्ति अपार्टमेंट में नहीं आ सकता है। बच्चों के खेलने पर रोक महिलाओं को भी गैदरिंग करने से रोक दिया गया है।

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