यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों को विपक्ष ने बताया किसान विरोधी, सड़क पर उतरने की दी चेतावनी


🗒 शुक्रवार, सितंबर 18 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों को विपक्ष ने बताया किसान विरोधी, सड़क पर उतरने की दी चेतावनी

केंद्र सरकार द्वारा लाए कृषि विधेयकों को लेकर उत्तर प्रदेश में भले ही पंजाब और हरियाणा जैसे हालात नहीं बने हों परंतु विरोधी दलों ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश के नेताओं का आरोप है कि किसानों की आय को दोगुना करने का वादा करने वाले काले कानून के जरिए किसानों को उनकी जमीनों से वंचित करने की साजिश रच रहे हैं। कुछ किसान संगठनों ने भी विधेयकों को किसान विरोधी करार देते हुए सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है।बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट करके किसानों की मंशा जानने की पैरोकारी की। उन्होंने लिखा कि संसद में किसानों से जुड़े दो बिल, उनकी सभी शंकाओं को दूर किए बिना ही गुरुवार को पास करा दिए गए है। उससे बीएसपी कतई भी सहमत नहीं है। पूरे देश का किसान क्या चाहता है, इस ओर भी केंद्र सरकार जरूर ध्यान दे तो यह बेहतर होगा।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खेती को अमीरों के हाथों गिरवी रखने की बात कही। उन्होंने ट्वीट किया कि भाजपा सरकार खेती को अमीरों के हाथों गिरवी रखने के लिए शोषणकारी विधेयक लाई है। ये खेतों की मेड़ तोड़ने का षड़यंत्र है और साथ ही एमएसपी सुनिश्चित करने वाली मंडियों के धीरे-धीरे खात्मे का भी। भविष्य में किसानों की उपज का उचित दाम भी छिन जाएगा और वो अपनी ही जमीन पर मजदूर बन जाएंगे।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि किसानों की आय को दोगुना करने का वादा करने वाले काले कानून के जरिए किसानों को उनकी जमीनों से वंचित करने की साजिश रच रहे हैं। ये जमींदारी का नया रूप है और पूंजीपतियों को जमीनों को मालिक बनाने का षड़यंत्र। राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी कहा कि बे-सिर पैर की बातें हो रही है। उन्होंने ट्वीट किया, बड़े रिफार्म की बात कर रहे हैं.. कृषि व्यापार को सरकार मुक्त करने की बात कर रही है? तो फिर प्याज के निर्यात पे प्रतिबंध क्यों लगाए है?भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने विधेयकों को किसानों के लिए घातक बताया है। उन्होंने कहा कि भाकियू इसका डटकर विरोध करेगी। भारतीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने भी विधेयकों को किसानों से धोखा बताते हुए आक्रोश जताया है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के अध्यक्ष शिवपाल यादव ने आरोप लगाया कि किसानों को विश्वास में लिए बिना बड़े बदलाव वाले विधेयकों को लाना किसी बड़ी साजिश जैसा दिखता है।

लखनऊ से अन्य समाचार व लेख

» राजधानी में दुष्कर्म का शिकार किशोरी हुई गर्भवती, युवती ने दोस्त से कराया था दुष्कर्म; वीडियो वायरल

» राजाजीपुरम में पॉवर ट्रांसफार्मर में धमाका,उपभोक्‍ताओं ने क‍िया हंगामा।

» एलडीए ने दो को किया सील, एक ध्वस्त बिना नक्शा पास करवाए किए गए तीन अवैध निर्माण,

» उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के 6584 नए केस मिले

» एलपीएस और डीपीएस समेत 21 स्कूलों को नोटिस जारी, बीएसए ने दी चेतावनी

 

नवीन समाचार व लेख

» राजाजीपुरम में पॉवर ट्रांसफार्मर में धमाका,उपभोक्‍ताओं ने क‍िया हंगामा।

» बहराइच में जमीनी विवाद में जमकर चले ईंट-रोड़े, वृद्ध की भाला मारकर हत्या;

» बाराबंकी में नदी में मिला महिला का क्षत विक्षत शव, हाथ में चूडि़यां और शरीर पर मिली साड़ी

» पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ क‍िशोरी को अगवा करने का आरोपित

» बाराबंकी में लेनदेन के विवाद में ट्रक चालक की पीट-पीटकर कर हत्या