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कोरोना काल में आठ फीसद बढ़े इरिटेंट डर्माटाइटिस के मामले; एग्जिमा का भी खतरा


🗒 बुधवार, सितंबर 23 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
कोरोना काल में आठ फीसद बढ़े इरिटेंट डर्माटाइटिस के मामले; एग्जिमा का भी खतरा

कोरोना वायरस से बचाव को लेकर  जरूरत से ज्यादा साबुन व हैंड सैंनिटाइजर का प्रयोग हाथों की त्वचा को नुकसान पहुंचा रहा है। अस्पतालों में इस वक्त हाथ की त्वचा संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या पहले से बढ़ी है। त्वचा रोग विशेषज्ञ का कहना है कि कोरोना काल से पहले हैंड डर्माटाइटिस रोग से जुड़े मामले महीने में 15 से 20 आते थे। वहीं, अब 250 से 300 मामले रोज आ रहे हैं। वहीं, इस समय त्वचा के सूखने व धब्बे पड़ने पर एक्जिमा रोग का भी खतरा बढ़ा है।बलरामपुर अस्पताल में वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएच उसमानी ने बताया कि इस समय हैंड डर्माटाइटिस व इरिटेंट डर्माटाइटिस के मामले बढ़ गए हैं। जरूरत से ज्यादा हैंड सैनिटाइजर व साबुन का प्रयोग करने से हाथ की त्वचा में रूखापन, मोटापन, खुरदुरापन सहित छोटे-छोटे दाने, त्वचा में लाली पड़ना व क्रैक होना जैसे इसके लक्षण हैं। बचाव के लिए जितना हो सके साबुन व पानी से हाथ धोएं। ऑफिस या बाहर किसी भी सरफेस, दरवाजे की कुंडी आदि  को छूने से बचें, ऐसी जगह पर सैनिटाइजर का प्रयोग जरूरत पड़ने पर ही करें। घर में बार-बार हाथ धोने की जरूरत नहीं है।सिविल अस्पताल में चर्म रोग विभाग में वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. देवेशचंद्र पांडेय ने बताया कि पांच से दस फीसद मामले बढ़ गए हैं। साबुन व सैनिटाइजर के अधिक प्रयोग से एलर्जिक डर्माटाइटिस रोग हो रहा है इसलिए बचाव के लिए कम से कम सैनिटाइजर का प्रयोग करें। मॉयशचराइजर लगाएं, यदि न कंट्रोल हो तो स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल करें। यह क्रीम सरकारी अस्पतालों में फ्री मिलती है।

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