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लखनऊ में पटरी पर नहीं आ रही सफाई व्यवस्था, दो पर कार्रवाई


🗒 शुक्रवार, अक्टूबर 30 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
लखनऊ में पटरी पर नहीं आ रही सफाई व्यवस्था, दो पर कार्रवाई

लखनऊ, राजधानी की सफाई में अफसरों की कमीशनखोरी भारी पड़ रही है। नालियां सिल्ट से भरी हैं तो चारों तरफ गंदगी ही गंदगी नजर आ रही है। ठेकेदार सफाई कर्मी लगा नहीं रहे हैं और भुगतान करा ले रहे हैं। यह हाल तब है कि जब ठेके प्रथा पर ही 55 करोड़ का सालाना बजट है। इसी के साथ ही सफाई की बदतर तस्वीर तब दिख रही है, जब सफाई का पर्यवेक्षण करने के लिए अफसरों को नोडल प्रभारी बनाया गया लेकिन इसके बाद भी नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी को निरीक्षण में हर तरफ गंदगी ही गंदगी मिल रही है।गुरुवार को तो गंदगी के बीच से होकर ही नगर आयुक्त को जाना पड़ा तो शुक्रवार को शहर के कई इलाकों में भी गंदगी ही नजर आई। कृष्णानगर के विजयनगर क्षेत्र की सफाई का जिम्मा मेसर्स स्वच्छकार को दिया गया है लेकिन वहां की गंदगी देखकर लगा कि कई दिनों से सफाई नहीं कराई गई है। मेसर्स स्वच्छकार को कठोर चेतावनी के साथ ही हदबंदी बनाने के निर्देश दिए गए। कानपुर रोड पर भी कई जगह गंदगी पाई गई। विजय नगर में हर तरफ अवैध कब्जे मिलने पर नगर आयुक्त ने जोन पांच के कर अधीक्षक संजय भारती और राजस्व निरीक्षक हरतेंद्र प्रताप सिंह को कठोर चेतावनी दी है।विजयनगर का पार्क भी गंदा मिला। यहां घांसों की छंटाई तक नहीं की गई थी। नगर आयुक्त ने उद्यान अधीक्षक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

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