यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

उत्तर प्रदेश में जापान के सहयोग से होंगे कृषि क्षेत्र में शोध, बढ़ेगी किसानों की आय


🗒 शुक्रवार, अक्टूबर 30 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
उत्तर प्रदेश में जापान के सहयोग से होंगे कृषि क्षेत्र में शोध, बढ़ेगी किसानों की आय

लखनऊ ,किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में शोध कार्य के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश और जापान के कृषि, वन व मत्स्य मंत्रालय के बीच मेमोरेंडम आफ कोआपरेशन (एमओसी) हस्ताक्षरित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी प्रदान कर दी गई। कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय से राजनीतिक अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही एमओसी करायी जाएगी।कृषि मंंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि अपरिहार्य परिस्थितियों में एमओसी में किसी प्रकार का संशोधन करने की आवश्यकता होगी तो इसके लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया गया है। कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग उत्तर प्रदेश के अलावा, भारत व जापान के बीच यह एमओसी हस्ताक्षर किये जाने से प्रदेश की दो तिहाई कृषि आधारित जनसंख्या की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में कृषि संबंधी क्षेत्रों के शोध, शिक्षा एवं प्रसार के क्षेत्र में भी विशिष्टता प्राप्त होगी।उत्तर प्रदेश में जापान द्वारा कृषि के क्षेत्र में शोध एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किये जाने से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को बल मिलेगा। एमओसी से कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों व प्रौद्योगिकविदों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए वैज्ञानिक उपकरणों का आदान प्रदान भी हो सकेगा।कैबिनेट ने शुक्रवार को जल जीवन मिशन के तहत बुंदेलखंड व विन्ध्य क्षेत्र के अलावा गुणवत्ता प्रभावित ग्रामों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दो सौ करोड़ रुपये लागत की तीन परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी। इससे पूर्व 200 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 21 परियोजनाओं का अनुमोदन प्राप्त किया जा चुका है। जालौन के विकासखंड कोंच व डकोर में सला ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, सोनभद्र के ब्लाक घोरावल व राबर्ट्सगंज स्थित पटवध व पटवध-2 ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना तथा सोनभद्र के ब्लाक चोपन स्थित कदरा, नेवारी एवं हर्रा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना स्वीकृत है। इन पाइप पेयजल योजनाओं से क्रमश: 225, 661 तथा 67 राजस्व ग्राम आच्छादित होंगे। जल जीवन मिशन के तहत बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र की आबादी तथा आर्सेनिक/फ्लोराइड व जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई)/एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से ग्रस्त आबादी को शुद्ध पाइप पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।कैबिनट ने हाईकोर्ट में न्यायमूर्तियों के सहयोग के लिए लगाए गए 95 लॉ क्लर्क (ट्रेनी) के कार्यकाल की अवधि बढ़ा दी है। हाईकोर्ट में न्यायिक कार्यों को तेजी से निपटाने के लिए न्यायमूर्तियों की सहायता में लगे 95 लॉ क्लर्क (ट्रेनी) का कार्यकाल 29 अक्टूबर को पूरा हो गया था। कैबिनेट ने अब लॉ क्लर्क (ट्रेनी) के कार्यकाल को 31 दिसंबर तक बढ़ाए जाने का निर्णय लिया है।