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सपा सांसद आजम खां की और बढ़ी मुश्किलें, जल्द आरोपपत्र दाखिल करेगी SIT


🗒 शुक्रवार, नवंबर 27 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
सपा सांसद आजम खां की और बढ़ी मुश्किलें, जल्द आरोपपत्र दाखिल करेगी SIT

लखनऊ  समाजवादी पार्टी सरकार के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की तरह पूर्व मंत्री व रामपुर के सांसद आजम खां की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सपा शासनकाल में हुए बहुचर्चित जल निगम भर्ती घोटाले में विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने आजम खां के विरुद्ध वारंट-बी दाखिल कराया है और जल्द इस मामले में आलम खां समेत अन्य आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी है।रामपुर के सांसद आजम खां वर्तमान में अपने बेटे अब्दुल्ला आजम का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में सीतापुर जेल में निरुद्ध हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एसआइटी ने जल निगम भर्ती घोटाले में तकनीकी रूप से आजम खां को गिरफ्तार कर लिया है। चूंकि वह पहले से एक अन्य मामले में न्यायिक अभिरक्षा में जेल में निरुद्ध हैं, इसीलिए जांच एजेंसी ने सीतापुर जेल में उनके विरुद्ध वारंट-बी दाखिल कराया है। अब सांसद आजम खां को जेल से बाहर आने के लिए उनके विरुद्ध दर्ज अन्य मामलों के साथ ही जल निगम भर्ती घोटाले के मामले में भी जमानत हासिल करनी होगी। आजम खां 26 फरवरी 2020 से जेल में निरुद्ध हैं।जल निगम में सपा शासनकाल में 1300 पदों पर हुई भर्तियों में अनियमितता के गंभीर आरोप लगे थे। योगी सरकार के गठन के बाद शासन ने पूरे मामले की जांच एसआइटी को सौंपी थी। एसआइटी ने 22 सितंबर 2017 को जल निगम मुख्यालय में छापा मारकर भर्ती से संबंधित मूल पत्रावलियां अपने कब्जे में ली थीं। पूर्व मंत्री व सांसद आजम खां जल निगम के तत्कालीन चेयरमैन थे। एसआइटी की जांच में भर्ती परीक्षा संचालित कराने वाले एजेंसी से लेकर तत्कालीन अधिकारियों की सिलसिलेवार जांच की गई थी।भर्ती में अनियमितता के साक्ष्य जुटाने के बाद एसआइटी ने 29 मार्च 2018 को शासन को अपनी जांच रिपोर्ट भेजकर मामले में एफआइआर दर्ज कराए जाने की संस्तुति की थी। शासन की अनुमति पर एसआइटी ने 25 अप्रैल 2018 को पूर्व मंत्री आजम खां, जलनिगम के तत्कालीन एमडी पीके आसूदानी, नगर विकास विभाग के पूर्व सचिव एसपी सिंह (अब सेवानिवृत्त), पूर्व मंत्री आजम के तत्कालीन ओएसडी सैय्यद आफाक अहमद व तत्कालीन चीफ इंजीनियर अनिल कुमार खरे समेत अन्य के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी, षड्यंत्र, साक्ष्य छिपाने व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी।सूत्रों का कहना है कि एसआइटी की जांच में नगर विकास विभाग के पूर्व सचिव एसपी सिंह के विरुद्ध कोई साक्ष्य नहीं मिला था। जल निगम भर्ती की प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों में कहीं उनके हस्ताक्षर भी नहीं पाए गए थे। एसआइटी इस मामले में जल्द आरोपित आजम खां, पीके आसूदानी, सैय्यद आफाक अहमद, अनिल कुमार समेत अन्य के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल करेगी। बताया गया कि जलनिगम में भर्ती 122 सहायक अभियंताओं की नियुक्तियां अगस्त 2017 में रद कर दी गई थीं। यह मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है, जबकि 1178 पदों पर भर्ती अवर अभियंता व लिपिक कार्यरत हैं।एसआइटी की जांच में नियमों की अनदेखी कर भर्ती प्रकिया पूरी किए जाने की बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक जांच में यह भी सामने आया कि पूर्व मंत्री आजम खां ने नियम के विपरीत बिना अधिकार भर्ती का अनुमोदन किया था। एसआइटी ने दो बार पूर्व मंत्री आजम खां को तलब कर मामले में पूछताछ की थी और उनके बयान दर्ज किए थे। हालांकि आजम खां ने उन्हें धोखे में रखकर पत्रावलियों पर हस्ताक्षर कराए जाने का दावा किया था। मामले में भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा संचालित कराने वाली संस्था एपटेक के अधिकारियों से भी पूछताछ हुई थी। उन पर भी एसआइटी का शिकंजा कसेगा।

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