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मोहनलालगंज के सौरभ सिंह ने 30 की उम्र मे लिख डाली 49 पुस्तकें


🗒 रविवार, नवंबर 29 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
मोहनलालगंज के सौरभ सिंह ने 30 की उम्र मे लिख डाली 49 पुस्तकें
लखनऊ - मोहनलालगंज क्षेत्र के धर्मावत खेड़ा गाँव के निवासी एसोसिएट प्रोफेसर सौरभ सिंह ने 30 साल की उम्र में ही 49 पुस्तकें लिख डाली, वह भी पाँच साल के अंदर। बता दें कि वर्ष 2015 में एसोसिएट प्रोफेसर सौरभ सिंह की लिखी पहली पुस्तक बीटीसी पाठ्यक्रम की आई थी, और वहीं अब नवंबर 2020 तक उन्होंने 49 पुस्तकें लिख डाली हैं। अब वह "अर्धशतक" से बस एक कदम दूर हैं धर्मावत खेड़ा निवासी एसोसिएट प्रोफेसर सौरभ सिंह की पढ़ाई की शुरुआत प्राथमिक विद्यालय से हुई और इंटर तक की शिक्षा उन्होंने मोहनलालगंज में हांसिल की। इस समय सौरभ सिंह आज़ाद डिग्री काॅलेज के प्राचार्य हैं। उनकी सभी पुस्तकों पर भारत सरकार द्वारा आईएसबीएन नंबर प्राप्त है और पुस्तकें ऑनलाईन अमेजाॅन, फ्लिपकार्ट जैसी वेबसाईट पर भी उपलब्ध हैं बता दें कि मोहनलालगंज क्षेत्र के धर्मावत खेड़ गाँव के रहने वाले एसोसिएट प्रोफेसर सौरभ सिंह की पुस्तकें लखनऊ, डाॅ राम मनोहर, इलाहाबाद, अयोध्या, राजस्थान, हरियाणा सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों में एमएड, बीएड, बीएलएड, बीटीसी, बीकाॅम पाठ्यक्रम पर पढ़ाई जा रही हैं। एसोसिएट प्रोफेसर सौरभ सिंह ने बताया कि मनोविज्ञान, सामान्य ज्ञान, लोकवित्त, मूल्य एवं शांति शिक्षा व तकनीकी शिक्षा व शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशासन सहित कई अन्य विषयों पर पुस्तक लिखी हैं। हालि में, एसोसिएट प्रोफेसर सौरभ सिंह की लिखी 49वीं पुस्तक प्रोफेसर डाॅ महमूद खान विभागाध्यक्ष संस्कृति विश्वविद्यालय के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय के बीएलएड पाठ्यक्रम के निर्देशन एवं परामर्श विषय पर पुस्तक आई है। उन्होंने बताया कि लिखने की प्रेरणा उनको बाबा सन्त बख्श सिंह से मिली।

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