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ग्रेटर नोएडा में डेटा सेंटर पार्क भविष्य के विकास की आधार शिला - मुख्यमंत्री योगी


🗒 रविवार, नवंबर 29 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
ग्रेटर नोएडा में डेटा सेंटर पार्क भविष्य के विकास की आधार शिला - मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को उत्तर प्रदेश के पहले डेटा सेंटर पार्क के भूमि पूजन कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल हुए। औद्योगिकीकरण की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में मुंबई का हीरानंदानी समूह यह डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने जा रहा है। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी सफलता इस बात पर है कि उत्तर प्रदेश में आने वाला प्रत्येक निवेशक खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करे, यह वातावरण स्थापित करना है। हमारी टीम ने इसके लिए पूरा प्रयास किया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश ईज आफ डूइंग बिजनेस में देश में दूसरे स्थान पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की इकोनॉमी को फाइव ट्रिलियन बनाने का लक्ष्य जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा है, यह केवल भारत सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। सभी राज्य सरकारें, विशेषज्ञ, निवेशक और उद्योगपति मिलकर इस अभियान के साथ जुड़ेंगे तो निश्चित समय सीमा में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर पार्क भविष्य के विकास की आधार शिला है। डाटा के महत्व को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में है। सीएम योगी ने इस दौरान हीरानंदानी समूह आश्वासन दिया कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रदेश सरकार पग-पग पर आपके साथ खड़ी रहेगी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 22 सेक्टोरियल पॉलिसीज के माध्यम से निवेश के संभावनाओं को आगे बढ़ाया है। प्रदेश में 25 हजार एकड़ का लैंड बैंक पहले से मौजूद है। प्रदेश निवेष मित्र पोर्टल अपने आप में यूनीक है। उन्होंने बताया कि डिफेंस कॉरीडोर में भी हम निवेश के कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहे हैं। अब तक 50 हजार करोड़ से अधिक के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। इसके अलावा कोरोना कल में भी अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदेश में दस देशों से 45 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तव मिले हैं।डेटा सेंटर नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटर सर्वर का एक बड़ा समूह है। इसके जरिये बड़ी मात्रा में डेटा भंडारण, प्रोसेसिंग व डिस्ट्रीब्यूशन के लिए कंपनियों द्वारा उपयोग किया जाता है। यूपी में सोशल मीडिया प्लेटफार्म मसलन फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब आदि के करोड़ों उपभोक्ता हैं। इन उपयोगकर्ताओं से जुड़ा डेटा सुरक्षित रखना महंगा व मुश्किल होता है। इसके अलावा बैंकिंग, खुदरा व्यापार, स्वास्थ्य सेवा, यात्रा, पर्यटन और आधार कार्ड आदि का डेटा भी अहम है।

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