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उत्तर प्रदेश की आमदनी की रफ्तार पर लगा कुछ ब्रेक, नवंबर माह के राजस्व में आया कम उछाल


🗒 गुरुवार, दिसंबर 03 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
उत्तर प्रदेश की आमदनी की रफ्तार पर लगा कुछ ब्रेक, नवंबर माह के राजस्व में आया कम उछाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के रफ्तार पकड़ने के कारण राज्य सरकार के राजस्व में अगस्त से अक्टूबर तक महीने दर महीने जो उछाल देखने को मिला था, नवंबर में उसमें कुछ कमी आयी है। बीते नवंबर माह में सरकार को कुल 10903.87 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले साल इसी माह की तुलना में 345.97 करोड़ रुपये अधिक है। पिछले साल नवंबर में सरकार को 10557.9 करोड़ रुपये राजस्व मिला था। पिछले वर्ष के समान माह की तुलना में इस साल अगस्त में 600 करोड़ रुपये, सितंबर में 890 करोड़ रुपये और अक्टूबर में 1828.28 करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्त हुआ था। उत्तर प्रदेश सरकार ने जीएसटी के मद में नवंबर में 5630.73 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य तय किया था। इसके सापेक्ष उसे 3712.69 करोड़ रुपये मिले, जो नवंबर 2019 में जीएसटी से मिले राजस्व से 458.02 करोड़ रुपये कम हैं। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि पिछले साल दीपावली अक्टूबर में थी, जबकि इस साल यह नवंबर में पड़ी। व्यापारी जीएसटी के रिटर्न महीने की 20 तारीख से अगले माह की 20 तारीख तक फाइल करते हैं। लिहाजा दीपावली पर हुई खरीदारी का वास्तविक असर जीएसटी के आंकड़ों में अगले महीने दिखेगा।हालांकि सरकार के लिए राहत की बात यह रही कि वैट, आबकारी, स्टांप व निबंधन और भूतत्व व खनिकर्म की मदों में पिछले साल की तुलना में अधिक राजस्व मिला। वैट के जरिये नवंबर में 2147.54 करोड़ रुपये कर राजस्व मिला, जो पिछले साल से 381.59 करोड़ रुपये ज्यादा है। आबकारी के मद में सरकार को 2464.78 करोड़ रुपये राजस्व मिला, जो पिछले साल की तुलना में 190.93 करोड़ ज्यादा होने के बावजूद मासिक लक्ष्य का 83 फीसद है, जबकि अक्टूबर में इस मद में राजस्व प्राप्ति लक्ष्य का 106 प्रतिशत रही।स्टांप एवं निबंधन की मद में सरकार ने 1628 करोड़ रुपये जुटाकर लक्ष्य का 103.8 फीसद हासिल किया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 206.63 करोड़ रुपये अधिक है। परिवहन की मद में राजस्व विगत महीनों की तरह ही पिछले साल से कम रहा। नवंबर में इस मद में 697.71 करोड़ रुपये राजस्व मिला, जो पिछले साल से 38.12 करोड़ रुपये कम है। करेत्तर राजस्व के अंतर्गत भूतत्व एवं खनिकर्म मद में 253.15 करोड़ रुपये राजस्व मिला, जो नवंबर 2019 की तुलना में 62.96 फीसद ज्यादा है।सरकार को बीते अप्रैल से नवंबर माह तककी अवधि में लक्ष्य का 62.9 फीसद ही राजस्व मिल सका है। इस अवधि में सरकार ने 1,07,308.95 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन नवंबर तक कुल 67,475.64 करोड़ रुपये राजस्व हासिल हो सका।

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