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अजीत हत्याकांड के शूटर का इलाज करने वाले डॉक्टरों का लाइसेंस रद की मांग


🗒 मंगलवार, जनवरी 12 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
अजीत हत्याकांड के शूटर का इलाज करने वाले डॉक्टरों का लाइसेंस रद की मांग

लखनऊ,  मऊ के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अजीत सिंह की हत्या में शामिल शूटर का गोपनीय रूप से इलाज करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही के लिए पुलिस ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ) को पत्र लिखा है। उधर, दिल्ली में गिरफ्तार गिरधारी को ट्रांजिट रिमांड पर लेने की लखनऊ पुलिस तैयारी कर रही है। मंगलवार को पुलिस दोनों डॉक्टरों के खिलाफसाक्ष्य छिपाने की धारा में कार्रवाई करने वाली थी। लेकिन, बाद में पुलिस ने अपना इरादा बदल दिया। डॉक्टरों ने छिपाई जानकारी: पुलिस का कहना है कि सब कुछ जानते हुए भी चिकित्सकों ने अपराधी का इलाज किया और पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी। दोनों का यह कृत्य नियम के खिलाफ है। इसकी शिकायत की गई है। एमसीआइ से दोनों चिकित्सकों का लाइसेंस रद करने की मांग की गई है। पूर्व सांसद ने ही गिरधारी को पहुंचाया दिल्ली: लखनऊ पुलिस दिल्ली में गिरफ्तार किए गए एक लाख के इनामी गिरधारी को ट्रांजिट रिमांड पर लाने की तैयारी कर रही है। मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर गिरधारी के पकड़े जाने की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि गिरधारी पर यूपी के अलग-अलग जिलों में कुल 19 मुकदमे दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। गिरधारी आजमगढ़ जेल में बंद कुंटू सिंह का साथी है। अजीत बाहुबली विधायक मुख्तार का करीबी था। कुंटू और गिरधारी पर एक पूर्व सांसद का हाथ है। माना जा रहा है कि पूर्व सांसद ने ही गिरधारी को दिल्ली पहुंचाया था। यूपी में मुठभेड़ के डर से साजिश के तहत गिरधारी को दिल्ली में गिरफ्तार कराया गया। घायल शूटर की हालत गंभीर : बताया जा रहा है कि अजीत सिंह पर हमले के दौरान जिस शूटर को गोली लगी थी, उसकी हालत बेहद खराब है। सूत्रों का कहना है कि घायल शूटर को कमर के पास गोली लगी थी, जिसका लखनऊ और सुलतानपुर में चिकित्सकों ने इलाज किया था। इंफेक्शन ज्यादा होने के कारण हमलावर की हालत गंभीर बताई जा रही है। मूलरूप से मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना निवासी अजीत सिंह की छह जनवरी को लखनऊ के विभूतिखंड में कठौता चौराहे के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अजीत बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी थे। हत्यारों ने अजीत को 22 गोलियां मारी थीं। अजीत आजमगढ़ के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की हत्या में गवाह थे। अजीत के साथी मोहर सिंह ने आजमगढ़ जेल में बंद कुंटू सिंह, गिरधारी और अखंड सिंह समेत अन्य के खिलाफ साजिश के तहत हत्या की एफआइआर दर्ज कराई थी। 

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