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पूर्व सांसद पर कार्रवाई करने से कतरा रही लखनऊ पुलिस


🗒 गुरुवार, जनवरी 14 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
पूर्व सांसद पर कार्रवाई करने से कतरा रही लखनऊ पुलिस

लखनऊ,  मऊ के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि व आजमगढ़ के पूर्व विधायक सीपू सिंह के गवाह अजीत सिंह के हत्या मामले में राजधानी लखनऊ पुलिस के हाथ कोई हमलावर नहीं लगा। पुलिस ने प्रिंस और रेहान को गिरफ्तार कर वारदात के राजफाश का दावा भी कर दिया। हालांकि इस पूरे मामले के पीछे जिस पूर्व बाहुबली सांसद का नाम सामने आया, उसके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। सवाल यह है कि आखिर लखनऊ पुलिस बाहुबली पर कार्रवाई करने से क्यों कतरा रही है। गैंगवार में अजीत की हत्या होने से लेकर अभी तक पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। कठौता पुलिस चौकी के सामने सरेआम गोलियां चलीं, लेकिन पुलिस कुछ न कर सकी। हमलावर आसानी भाग निकले। हमलावरों को शरण दिलाने वाले बाहुबली का नाम सामने आने के बाद भी पुलिस उनसे पूछताछ की हिम्मत नहीं जुटा सकी। यही नहीं एक शूटर को गोली लगने पर पूर्व सांसद ने उसका इलाज भी करवाया। रही सही कसर एक लाख के इनामी गिरधारी उर्फ डॉक्टर के दिल्ली में गिरफ्तार किए जाने की कार्रवाई ने पूरी कर दी। सूत्रों के मुताबिक, बाहुबली ने ही गिरधारी के दिल्ली में गिरफ्तार किए जाने का खाका तैयार किया था। पुलिस के पास बाहुबली और डॉक्टर निखिल सिंह से हुई बातचीत का वाट्सएप रिकॉर्ड भी मौजूद है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य होने के बावजूद बाहुबली का नाम पुलिस सार्वजनिक नहीं कर रही है। सूत्रों का कहना है कि जेल में बंद कुंटू सिंह भी पूर्व सांसद का करीबी है।गौरतलब है कि बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी मूलरूप से मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना निवासी अजीत सिंह की छह जनवरी को लखनऊ के विभूतिखंड में कठौता चौराहे के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने अजीत को 22 गोलियां मारी थीं। अजीत आजमगढ़ के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की हत्या में गवाह थे। अजीत के साथी मोहर सिंह ने आजमगढ़ जेल में बंद कुंटू सिंह, गिरधारी और अखंड सिंह समेत अन्य के खिलाफ साजिश के तहत हत्या की एफआइआर दर्ज कराई थी। सदर तहसील में नितेश सिंह बब्लू हत्याकांड में वांछित गिरधारी विश्वकर्मा को तिहाड़ जेल से लाने के लिए अदालत ने वारंट 'बी' जारी किया है। शिवपुर थाना प्रभारी राजीव रंजन उपाध्याय ने बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एसपी यादव की अदालत में इस आशय का प्रार्थना पत्र दिया कि चोलापुर थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव निवासी गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डाक्टर उर्फ कन्हैया वर्ष 2019 में हुए नितेश बबलू हत्याकांड मामले में वांछित है। दिल्ली पुलिस ने गत 12 जनवरी को उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जहां से न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। तिहाड़ जेल से लाने के लिए उसके विरुद्ध वारंट 'बी' जारी करने की अपील की। अदालत ने इस अपील को मंजूर करते हुए गिरधारी विश्वकर्मा के खिलाफ वारंट 'बी' जारी कर दिया। 

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