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सीएम की सख्ती के बाद सामने आए स्वास्थ्य मंत्री, लोकबंधु अस्पताल में फोन पर मरीजों से की बात


🗒 रविवार, मई 02 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
सीएम की सख्ती के बाद सामने आए स्वास्थ्य मंत्री, लोकबंधु अस्पताल में फोन पर मरीजों से की बात

लखनऊ,। संक्रमण के पीक पर पहुंचने के दौरान से ही लापता चल रहे स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सि‍ंह की अंतरात्मा आखिरकार जाग गई। एक तरफ कोरोना संक्रमित होने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ लगातार सक्रिय थे, तो स्वास्थ्य मंत्री गायब चल रहे थे। सीएम की सख्ती के बाद रविवार को उन्हें घर से बाहर निकलना ही पड़ गया। उन्होंने लोकबंधु कोविड अस्पताल व बलरामपुर अस्पताल का निरीक्षण किया। शाम करीब चार बजे वह सफेद कुर्ते-पायजामे में लोकबंधु अस्पताल पहुंचे। यहां करीब डेढ़ घंटे तक रुकने के बाद वह बलरामपुर अस्पताल को रवाना हो गए।पिछले दो-तीन हफ्ते से स्वास्थ्य मंत्री का कहीं अता-पता नहीं था। इसे लेकर इंटरनेट मीडिया पर भी संकटकाल में उनके गायब रहने की खूब आलोचना हुई थी। इस दौरान वह मीडियाकर्मियों तक का फोन नहीं उठा रहे थे। रोजाना दम तोड़ रहे मरीजों की आह सुनने के बाद भी वह किसी भी अस्पताल में उनकी परेशानियों का न तो जायजा लेने गए और न ही रोगियों की भर्ती व आक्सीजन इत्यादि की समस्याओं का समाधान करा सके। इसके चलते सीएमओ डा. संजय भटनागर से लेकर कोविड कमांड कंट्रोल रूम तक के कर्मचारी बेपरवाह हो गए।कोविड प्रबंधन में लगाए गए डा. जीएस वाजपेयी तो सरकार की कोशिशों को पलीता लगाने में लगे रहे। लोगों से बात करना तो दूर जीएस वाजपेयी भी सीन से गायब ही हैं। सुस्त मंत्री और अव्यवस्था के चलते मरीज लगातार दम तोड़ते रहे। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पॉजिटिव होने के बावजूद रात-दिन मरीजों की ङ्क्षचता करते रहे। व्यवस्थाएं ठीक करने को लगातार प्रयास करते रहे। अभी हाल ही में सीएम ने कहा था कि सभी जिम्मेदार फील्ड में निकलें और मरीजों की समस्याओं का समाधान कराएं। बेड व आक्सीजन का प्रबंध करें। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने दोनों अस्पतालों का दौरा किया।लोकबंधु अस्पताल पहुंचने पर एमएस अजय शंकर त्रिपाठी ने उनकी मरीजों से फोन पर बात कराई। स्वास्थ्य मंत्री ने अपना परिचय बताते मरीजों से पूछा कि आप लोग ठीक हैं, दवा इलाज सब समय पर मिल रहा है। वार्ड की साफ-सफाई ठीक है? इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने उनसे अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए सीटी स्कैन मशीन व डायलिसिस यूनिट लगवाने की मांग की। साथ ही स्टाफ की कमी को भी दूर करने का आग्रह किया। बाद में वह बलरामपुर अस्पताल पहुंचे। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डा. आरके गुप्ता ने बताया कि यहां उन्होंने समस्याओं के बारे में जानकारी ली। इस पर उन्हें आक्सीजन की समस्या से अवगत कराया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में जल्द आक्सीजन जनरेटर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

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