तीमारदार भी दिखाएं निगेटिव रिपोर्ट, सामान्‍य मरीज की भी तभी होगी भर्ती

यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

तीमारदार भी दिखाएं निगेटिव रिपोर्ट, सामान्‍य मरीज की भी तभी होगी भर्ती


🗒 सोमवार, मई 03 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
तीमारदार भी दिखाएं निगेटिव रिपोर्ट, सामान्‍य मरीज की भी तभी होगी भर्ती

लखनऊ, । कोरोना संक्रमण की वजह से न केवल संक्रमित बल्कि सामान्य मरीजों को भी समय से इलाज नहीं मिल रहा है। लोहिया अस्पताल में सोमवार को जब पड़ताल की गई तो वहां कई खामियां उजागर हुईं। कोविड की निगेटिव रिपोर्ट के बिना वहां के डॉक्टर और कर्मचारी मरीजों को हाथ नहीं लगा रहे हैं। इससे गंभीर मरीजों की हालत और बिगड़ जा रही है। अस्पताल प्रशासन के प्रोटोकाल के मुताबिक मरीजों के साथ साथ जब तक तीमारदार अपना निगेटिव रिपोर्ट नहीं दिखाएंगे तब तक उन्हें वार्ड ने प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ऐसे में मरीज की रिपोर्ट निगेटिव होने के बावजूद तीमारदारों को भटकना पड़ रहा है। रिपोर्ट के चक्कर में मरीजों को भर्ती नहीं लिया जा रहा है। इसकी वजह से मरीज अस्पताल परिसर में ही तड़प रहे हैं।सोमवार दोपहर में जब पड़ताल की गई तो इमरजेंसी में स्ट्रेचर पर एक महिला लेटी हुई थी। महिला के पास दीपू नाम का युवक खड़ा था। पूछने पर दीपू ने बताया कि वह रविवार रात से अपनी मां को स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज के लिए गुहार लगा रहा है। पेट में दर्द और सांस फूलने की शिकायत पर वह मां को लेकर अस्पताल आया था। हालांकि कोरोना का टेस्ट रिपोर्ट नहीं होने के कारण कोई भी स्टाफ इलाज करने के लिए तैयार नहीं है। दीपू के मुताबिक उसने मां का सैम्पल जांच के लिए भिजवाया है और रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। बाराबंकी निवासी दीपू इससे पहले कई अस्पतालों के चक्कर लगा चुका था, लेकिन किसी ने भी उसकी माँ को भर्ती नहीं किया। इसी तरह एरा अस्पताल से रेफर होकर आईं शकुंतला कई घण्टे तक इमरजेंसी में पड़ी रहीं।शकुंतला को फालिस की समस्या थी, जिन्हें एरा के डॉक्टरों ने लोहिया अस्पताल में रेफर किया था। हालांकि कोविड की निगेटिव रिपोर्ट नहीं होने के कारण उन्हें कोई भर्ती नहीं कर था। इसकी वजह से शकुंतला और उनके घरवाले काफी परेशान थे। इसी तरह एक अन्य मरीज शीबा की कोविड रिपोर्ट नहीं आने की वजह से उनके तीमारदारों को भी समस्या का सामना करना पड़ा। वर्जन हमारे पास जितने भी बेड हैं सभी भरे हैं। स्ट्रेचर पर भी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। कोशिश होती है कि इमरजेंसी में आने वाले हर मरीज को त्वरित उपचार मिले। डॉ श्रीकेश सिंह प्रवक्ता, लोहिया संस्थान

लखनऊ से अन्य समाचार व लेख

» लखनऊ में किशोरी से सरेआम छेड़छाड़ के बाद दो पक्षों में संघर्ष, जमकर हुआ पथराव; दारोगा चोटिल

» लोगों को मास्क पहनने के लिए करना होगा मजबूर - सीएम योगी

» TTE के भाई ने मृतक के भाई के खिलाफ दी तहरीर, पीटने के लगाया आरोप

» लोहिया अस्पताल में सामान्य मरीजों के साथ हो रहा अछूता जैसा व्यवहार

» उत्तर प्रदेश में नए कोरोना संक्रमितों में कमी, बढ़ती जा रही मृतकों की संख्या

 

नवीन समाचार व लेख

» बिजनौर मे पैसों को लेकर कहासुनी, दावत के दौरान युवक की पीट-पीटकर हत्या

» लखनऊ में किशोरी से सरेआम छेड़छाड़ के बाद दो पक्षों में संघर्ष, जमकर हुआ पथराव; दारोगा चोटिल

» लोगों को मास्क पहनने के लिए करना होगा मजबूर - सीएम योगी

» गांवों में कोरोना रोकने के लिए सरकार की नई गाइडलाइंस जारी

» बहराइच में गर्भवती पर बनाया देह व्यापार का दबाव, इन्कार पर लाठी डंडों से पीटा; नवजात की मौत