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उत्तर प्रदेश में विकसित की जाए 'दवा एटीएम' की व्यवस्था - CM योगी


🗒 शुक्रवार, जून 04 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
उत्तर प्रदेश में विकसित की जाए 'दवा एटीएम' की व्यवस्था - CM योगी

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा है कि टेलीमेडिसिन और टेलीकंसल्टेशन को बढ़ावा देकर इसकी सुचारु व्यवस्था की जाए। उन्होंने दवा वितरण के लिए 'दवा एटीएम' जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने ने जुलाई तक प्रदेश में रोजाना कोरोना वैक्सीन की 10 लाख डोज लगाए जाने के लक्ष्य के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर टीम-9 के साथ वर्चुअल माध्यम से प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निगरानी समितियों की ओर से प्रत्येक लक्षण युक्त और संदिग्ध, संक्रमित व्यक्ति को मेडिसिन किट उपलब्ध कराए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों में वायरल बुखार आदि के इलाज के लिए मेडिसिन किट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। मेडिसिन टिकट निगरानी समितियों को वितरण के लिए जल्दी उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने ब्लैक फंगस बीमारी की पारंपरिक दवाओं के साथ वैकल्पिक दवाएं भी सुलभ कराने के लिए कहा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जुलाई तक प्रदेश में रोजाना कोरोना वैक्सीन की 10 लाख डोज लगाए जाने के लक्ष्य के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। इसके लिए स्थान की व्यवस्था करने और टीकाकरण करने वाले कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराने के लिए कहा। जिन 65 जिलों में आंशिक कोरोना कर्फ्यू में छूट दी गई है, उनमें छूट की अवधि में भी बाजारों, सब्जी-फल मंडियों आदि सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ एकत्र न होने देने की हिदायत दी। बाजारों और मंडियों में पुलिस की गश्त के साथ पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को भीड़ न लगाने और संक्रमण के प्रति जागरूक करने के लिए कहा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आनलाइन माध्यम से परीक्षाओं के आयोजन की व्यवस्था प्रदेश में विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने प्राविधिक शिक्षा विभाग को परीक्षाओं के आनलाइन आयोजन के प्रयास का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी की कोरोना या अन्य कारणों से मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। ऐसे किसी भी राजकीय कर्मचारी की देय धनराशि बकाया न रहे। दिवंगत कर्मचारी से जुड़े सभी प्रकरणों का तय समय सीमा में निस्तारण किया जाए। ऐसा कोई भी मामला लंबित नहीं रहना चाहिए।