यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

एसटीएफ के हत्थे चढ़ा मुख्तार की एंबुलेंस का चालक


🗒 मंगलवार, जून 29 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
एसटीएफ के हत्थे चढ़ा मुख्तार की एंबुलेंस का चालक

बाराबंकी, । मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस के चालक गाजीपुर जिले के सलीम को एसटीएफ लखनऊ में जानकीपुरम स्थित पायनियर स्कूल के पास मंगलवार को दबोच लिया है। सलीम बाराबंकी के फर्जी पते पर मऊ जिले के श्याम संजीवनी हास्पिटल के नाम से पंजीकृत एंबुलेंस का चालक था, जिसे पंजाब की जेल में देखे जाने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की सुनवाई चल रही है। पुलिस को सलीम की तलाश रही थी। सलीम पर मऊ जिले के दक्षिण टोला थाने में अवैध असलहा रखने के मामले में गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज है।मामले में फरार होने के कारण उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी था, जबकि इसका साथी अताउर्रहमान दो लाख रुपये का इनामी था। सलीम ने पूछताछ में एसटीएफ को बताया कि वह 20 साल से मुख्तार अंसारी से जुड़ा है। वर्ष 2000 से पहले मुख्तार अंसारी के चचेरे ससुर व नंद किशोर रुंगटा अपहरण में वांछित इनामी उताउर्रहमान उर्फ बाबू की मारूति स्टीम कार चलाता था। अताउर्रहमान के फरार होने पर उसकी कार करीब एक वर्ष तक चलाई जिस पर चंडीगढ़ का नंबर था।एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि मुख्तार अंसारी की एम्बुलेंस के ड्राइवर सलीम को एसटीएफ व बाराबंकी की एसआइटी ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। उसे बाराबंकी लाया जा रहा है।मुख्तार अंसारी जब पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था, तब उसे मोहाली कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान जब मुख्तार को कोर्ट गया तो वो यूपी के बाराबंकी की नंबर प्लेट लगी हुई इसी एंबुलेंस से मोहाली कोर्ट पहुंचा था। इसके बाद जब पुलिस ने जांच की तो पाया कि इस एंबुलेंस का फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्रेशन कराया गया है। जिसके बाद बाराबंकी की नगर कोतवाली में मुख्तार अंसारी को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता बनाकर केस दर्ज कराया गया था। इसमें अब तक कई महत्‍वपूर्ण लोगों की ग‍िरफ्तारी हो चुकी है।   

लखनऊ से अन्य समाचार व लेख

» महिला से पर्स झपटने वाले गिरोह के तीन शातिर दबोचे

» यूपी में पेड़ और घर गिरने से 35 लोगों की मौत

» सभी स्कूल और कालेज दो दिन के लिए बंद

» कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो शालीन कुमार की छुट्टी

» सुप्रीम कोर्ट का उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग में फर्जी टेंडर दिलाने के आरोपितों को जमानत देने से इन्कार