यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

लखनऊ में गिरफ्तार आतंकी अलकायदा इंडियन सब कांटीनेंट माड्यूल इसी के सदस्य


🗒 रविवार, जुलाई 11 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
लखनऊ में गिरफ्तार आतंकी अलकायदा इंडियन सब कांटीनेंट माड्यूल इसी के सदस्य

लखनऊ । उत्तर प्रदेश को दहलाने की बड़ी साजिश लखनऊ में रची जा रही थी, जिसके पीछे अलकायदा का हाथ था। आतंकी मंसूबे स्वतंत्रता दिवस से पहले कई शहरों में धमाकों के थे। इतना ही नहीं, अयोध्या, मथुरा व काशी में भी आतंकी घटनाओं का षड्यंत्र भी था। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने अपनी मुस्तैदी से इस बड़ी साजिश को नाकाम किया है। आतंकी संगठन अलकायदा समर्थित अंसार गजवातुल हिंद से जुड़े दो आतंकियों मिनहाज अहमद व मसीरुद्दीन को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है।दुनिया में आतंकवाद की जड़ों को और मजबूत करने के लिए 1988 में अलकायदा यानी सुन्नी इस्लामिक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन की नींव रखी गई थी। इस संगठन को आतंकी ओसामा बिन लादेन, अब्दुल्ला आजम व अरब के कुछ लोगों ने मिलकर बनाया था। सोवियत सेना व अफगान के लड़ाकों के बीच छिड़ी जंग के दौरान यह संगठन सक्रिय हुआ था। इसके बाद तीन सितंबर 2014 को अलकायदा ने अपने इंडियन सब कांटीनेंट माड्यूल (एक्यूआइएस) का गठन किया था और भारत में इसकी गतिविधियों को बढ़ाने की जिम्मेदारी अलकायदा के चीफ रहे खूंखार आतंकी अल जवाहिरी को सौंपी गई थी।अमेरिकी सेना के हाथों दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकी ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अल जवाहिरी ही अलकायदा की गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा था। बताया गया कि अल जवाहिरी की अफगानिस्तान में मौत हो गई थी। उसके बाद मौलाना असिफ उमर को इंडियन माड्यूल को आगे बढ़ाने का जिम्मा सौंपा गया था। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के संभल का निवासी असिम उमर पाकिस्तान चला गया था और वहीं से इस माड्यूल का संचालन कर रहा था। पाकिस्तान में रहकर वह भारत में आतंकियों की नर्सरी तैयार करने में जुटा था।अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान में चल रहे सैन्य अभियान के दौरान 23 सितंबर 2019 को असिम उमर मारा गया था। उसकी मौत के बाद अलकायदा का सदस्य उमर हलमंडी भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने का काम कर रहा है। उमर पाकिस्तान व अफगानिस्तान के सीमा क्षेत्र में रहकर आतंकी गतिविधियों का संचालन करता था। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ से पकड़े गए मिनहाज व मसीरुद्दीन करीब डेढ़ वर्ष से उमर हलमंडी के संपर्क में थे। उमर हलमंडी के जरिए ही उत्तर प्रदेश में अलकायदा के माड्यूल अंसार गजवातुल हिंद (एजीएच) को तैयार किया गया था।