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लखनऊ में होटल मैनेजर ने दे दी जान


🗒 शनिवार, अक्टूबर 09 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
लखनऊ में होटल मैनेजर ने दे दी जान

लखनऊ, ।  सप्रु मार्ग स्थित गोमती बार के कर्मचारी अशोक पाठक ने उस गलती के लिए जान दे दी, जो उन्होंने की ही नहीं थी। दरअसल, कुछ देर पहले उन्हें बार के वेटर सुरेश पाल की आत्महत्या की सूचना मिली। होटल के कर्मचारियों व अधिकारियों ने उनसे कहा कि सुरेश ने सुसाइड नोट में अशोक को जिम्मेदार ठहराया है। अशोक ने इसकी पुष्टि नहीं की और अपने साथियों की बात पर यकीन कर लिया। इसके बाद घर जाकर लाइसेंसी असलहे से खुद को गोली मार ली।दरअसल, हुआ यूं कि बार में काम करने वाले डिप्टीखेड़ा पारा निवासी सुरेश कुमार पाल ने शनिवार तड़के फांसी लगा ली थी। अशोक पाठक शनिवार सुबह होटल पहुंचे तब तक उन्हें सुरेश के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। बार खोलने के बाद वह रोज कर तरह अपना काम करने लगे। इस बीच होटल के कर्मचारियों ने उनसे कहा कि सुरेश ने आत्महत्या कर ली है। हाेटल के कुछ कर्मचारी पोस्टमार्टम हाउस गए और परिवार के लोगों को ढांढस बढ़ाया। वापस आने के कुछ देर बाद अशोक से वहां के कर्मचारियों ने कहा कि सुरेश ने सुसाइड नोट लिखा है। नोट में सुरेश ने अशोक को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। इतना सुनने के बाद अशोक परेशान हो गए और डर के कारण घर जाकर अपनी जान दे दी।सेक्टर 11 इंदिरानगर निवासी अशोक पाठक ने पुलिस आयुक्त को संबोधित सुसाइड नोट लिखा है। चार पन्ने के नोट में लिखा है कि महोदय, मेरे परिवार को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। मेरे को साजिश में फंसाया जा रहा है, जिससे मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। मेरे को लोगों ने टार्चर किया है, मैं भय की वजह से, निर्दोष होने की वजह से... मेरे दरवाजे पर पुलिस आएगी। मैं उससे पहले अपने आपको खत्म कर दूंगा। आगे लिखा है, मैंने अपने सम्मान के सामने किसी से समझौता नहीं किया। सुरेश ने जो सुसाइड नोट लिखा है वह गलत है। मेरे परिवार को कोई कष्ट नहीं होना चाहिए। बच्चों व पत्नी को संबोधित कर अशोक पाठक ने लिखा है कि मेरे बच्चों निगम मुख्यालय कोई भी क्लेम लेने मत जाना। अगर घर पर लेकर पैसा आएं तो ठीक है। वरना मेरी आत्मा का ठेस पहुंचेगी। सुसाइड नोट की फोटो खींच लेना और पुलिस को दे देना। पुलिस आपको परेशान नहीं करेगी...। 

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