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हाई पावर टेक्नोलाजी से हो जमीनी पुलिसिंग - पीएम मोदी


🗒 रविवार, नवंबर 21 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
हाई पावर टेक्नोलाजी से हो जमीनी पुलिसिंग - पीएम मोदी

लखनऊ,  । देश की पुलिस और हाईटेक होगी। राज्यों में आधुनिक तकनीक के जरिये बढ़ाए जा रहे अलग-अलग कदमों को अब एकरूपता के साथ नई दिशा भी मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डीजीपी सम्मेलन में आंतरिक सुरक्षा से लेकर पुलिस आधुनिकीकरण समेत अन्य मुद्दों पर गहन मंथन के बाद इसकी परिकल्पना की है। पूरे देश की पुलिस के लिए एक जैसी तकनीक के प्रयोग पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने इसे अमली जामा पहनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में एक हाई पावर पुलिस टेक्नोलाजी मिशन के गठन का निर्देश दिया। कहा कि इससे जमीनी स्तर की पुलिसिंग का विकास होगा। साथ ही वर्ष 2014 में लागू की गई स्मार्ट पुलिसिंग की नियमित समीक्षा का भी निर्देश दिया। कहा कि इसमें जहां-जहां कोई दिक्कत हो, उसे बदला जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कोरोना संक्रमण काल के बाद पुलिस के व्यवहार में जनता के प्रति आए सकारात्मक बदलाव की भी प्रशंसा की।राजधानी में गोमतीनगर विस्तार स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित 56वें पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक सम्मेलन के समापन समारोह में रविवार को प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना टीकाकरण के संचालन के लिए कोविन पोर्टल, सरकारी खरीदारी के लिए जेम पोर्टल, लेनदेन को सरल करने के लिए यूपीआइ (यूनीफाइड पेपर इंटरफेस), आधार कार्ड व ऐसी अन्य तकनीकों ने लोगों के जीवन व विभिन्न विभागों के कामकाज को आसान किया है। उन्होंने पुलिस में भी नई-नई तकनीक के साथ कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया और रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं को जोडऩे की नसीहत भी दी।बीट स्तर तक तकनीक के समावेश पर जोर दिया। कहा कि एक राज्य में कानून-व्यवस्था व अपराध नियंत्रण के लिए तकनीक की मदद से हो रहा सराहनीय प्रयास का दायरा सीमित न रहे। ऐसे प्रयास दूसरे राज्यों में भी एकरूपता के साथ हों। राज्यों की पुलिस व जांच एजेंसियों के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ड्रोन तकनीक का उपयोग लोगों के लाभ के लिए किया जाना चाहिए। घटनाओं के विश्लेषण तथा सीखने की प्रक्रिया को संस्थागत करने पर भी बल दिया।प्रधानमंत्री रविवार सुबह करीब 9:20 बजे पुलिस मुख्यालय पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की मौजूदगी में अधिकारियों के प्रस्तुतीकरण देखे। राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों व केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों के अलग-अलग समूह ने कारागार सुधार, आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद, साइबर अपराध, मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी के बदलते तरीकों, देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के लिए विभिन्न संगठनों के जरिये विदेश से हो रही फंडिंग, ड्रोन से जुड़े मुद्दों, सीमावर्ती गांवों का विकास व अन्य विषयों पर अपने प्रस्तुतीकरण दिए। देश के 400 से अधिक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विभिन्न राज्यों में स्थित आइबी कार्यालय भी वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन का हिस्सा बने। प्रधानमंत्री ने पहली बार संयुक्त प्रारूप में सम्मेलन के आयोजन की प्रशंसा की। कहा कि इससे इससे विभिन्न स्तर के अधिकारियों के बीच सूचनाओं का प्रवाह सुगम हुआ है।प्रधानमंत्री ने आसूचना ब्यूरो (आइबी) के कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान कर सम्मानित भी किया। सम्मेलन में पहली बार विभिन्न राज्यों के आइपीएस अधिकारियों ने समसामयिक सुरक्षा मुद्दों पर अपने लेख प्रस्तुत किए, जिससे सम्मेलन का महत्व और बढ़ गया। इस दौरान उन्होंने सम्मेलन में शामिल शीर्ष पुलिस अधिकारियों के समूह में फोटो भी खिंचवाई। प्रधानमंत्री शाम करीब 4:10 बजे पुलिस मुख्यालय से अमौसी एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए और वहां से दिल्ली प्रस्थान कर गए।

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